सिद्धान्तलेशसंग्रह (अप्पय्य दीक्षित - हिन्दी अनुवाद व व्याख्या)

सिद्धान्तलेशसंग्रह (अप्पय्य दीक्षित - हिन्दी अनुवाद व व्याख्या)
Siddhanta Lesha Sangraha Hindi
श्रीमदप्पय्य दीक्षित द्वारा
स्रोत: Siddhanta Lesha Sangraha of Appayya Dikshita with Hindi Bhashya (उद्गम)
DevanagariHindipublished590 पृष्ठ
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मौलिकता आदिके विषयमें यही प्रमाण सर्वोच्च हो सकता है कि इसके प्रणेता अप्पय्य दीक्षित हैं । इस ग्रन्थमें अप्पय्यदीक्षितजीने निम्नलिखित मतोंका सङ्ग्रह किया है—
| ( १) प्रकटार्थकारका मत | (२१) भारतीतीर्थका मत |
| ( २) विवरणकारका मत | (२२) तत्त्वशुद्धिकारका मत |
| ( ३) विवरणके एकदेशियोंका मत | (२३) न्यायचन्द्रिकाकारका मत |
| ( ४) संक्षेपशारीरककारका मत | (२४) पञ्चदशीकारका मत |
| ( ५) वार्त्तिककारका मत | (२५) तत्त्वप्रदीपिकाकारका मत |
| ( ६) आचार्य वाचस्पतिमिश्रका मत | (२६) तत्त्वशुद्धिकारका मत |
| ( ७) कौमुदीकारका मत | (२७) कवितार्किकका मत |
| ( ८) माया और अविद्याके भेदवादियोंका मत | (२८) पञ्चपादिकाकारका मत |
| ( ९) उक्त भेदवादियोंके एकदेशीका मत | (२९) न्यायसुधाकारका मत |
| (१०) माया और अविद्याके अभेदवादियोंका मत | (३०) विवरणवार्त्तिककारका मत |
| (११) पदार्थतत्त्वनिर्णयकारका मत | (३१) शास्त्रदीपिकाकारका मत |
| (१२) विवर्त्तवादियोंका मत | (३२) न्यायरत्नमालाकारका मत |
| (१३) परिणामवादियोंका मत | (३३) अद्वैतविद्याचार्यका मत |
| (१४) सिद्धान्तमुक्तावलीकारका मत | (३४) विवरणोपन्यासकारका मत |
| (१५) प्रकटार्थविवरणकारका मत | (३५) न्यायनिर्णयकारका मत |
| (१६) सत्त्व-विवेककारका मत | (३६) वेदान्तकौमुदीकारका मत |
| (१७) नैष्कर्म्यसिद्धिकारका मत | (३७) शास्त्रदर्पणकारका मत |
| (१८) ब्रह्मानन्दका मत | (३८) चित्सुखाचार्यका मत |
| (१९) दृग्दृश्यविवेककारका मत | (३९) रामाद्वयाचार्यका मत |
| (२०) कल्पतरुकारका मत | (४०) आनन्दबोधाचार्यका मत |
| (४१) अद्वैतदीपिकाकारका मत | |
| (४२) दृष्टिसृष्टिवादियोंका मत | |
| (४३) सृष्टिदृष्टिवादियोंका मत |
इनसे अन्य भी कई मतोंका उपन्यास किया है । भगवान् शङ्कराचार्यजी द्वारा प्रतिपादित अद्वैत सिद्धान्तोंका कितने गौरव और श्रद्धाके साथ अनेक आचार्योंने स्वीकार किया है, यह इसी ग्रन्थके