भारतकोश
संक्षिप्त स्कन्द पुराण

संक्षिप्त स्कन्द पुराण

Skanda Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

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[ १७ ]

विषयपृष्ठ-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
१७. नारदजीका ब्राह्मणोंके सामने अपना स्वरूप प्रकट करना१०७४५. पार्वतीजीको अरुणाचलपर अपूर्व ज्योतिका दर्शन२५३
१८. मेधातिथिका चिरकारीको छातीसे लगाना११०४६. दुर्वासाजीका कान्तिशाली और कलाधरको शाप देना२५६
१९. ब्रह्माजीका इन्द्रद्युम्नको पृथ्वीपर लौटनेका आदेश११२४७. पृथ्वीदेवीद्वारा भगवान् वराहका पूजन२६२
२०. लोमशजीका इन्द्रद्युम्नको अपनी चिरायु बताना११४४८. भगवान् वराहके स्वरूपका ध्यान२६६
२१. इन्द्रद्युम्न आदिके सामने भगवान् शंकरका प्राकट्य१२२४९. भगवान् श्रीकृष्णका पद्मावतीका स्मरण करना२६९
२२. महीसागरसंगमतीर्थमें कुमारद्वारा पार्वतीजी एवं गणेशजीकी स्थापना१२८५०. भगवान् विष्णुका वसुको अपने पुत्रका वध करनेसे रोकना२७७
२३. कुमारीका दर्पणमें अपना मुँह देखना१४२५१. अस्थिसरोवरके प्रभावसे जीवित हुई ब्राह्मणीकी अपने पतिदेवसे भेंट२८२
२४. कुमारीका पार्वतीजीकी सखी चित्रलेखाके स्वरूपको प्राप्त होना१४४५२. तक्षकके काटनेसे वृक्षका भस्म होना२८५
२५. कालभीतिका प्रकट हुए शिवलिंगकी स्तुति करना१४९५३. धर्मज्ञ रीछका सिंहको उपदेश२८९
२६. भगवान् वासुदेवका नारदजीके समक्ष प्रकट होना१६७५४. श्रीरामकृष्णके समक्ष भगवान् विष्णुका प्राकट्य२९०
२७. ऐतरेयका माताको उपदेश देना१७०५५. रामानुजद्वारा भगवान् श्रीविष्णुका स्तवन२९६
२८. भगवान् सूर्यदेवका नारदजीके सामने प्राकट्य१७९५६. चक्रद्वारा राक्षसका शिरश्छेदन२९९
२९. सत्यव्रतका नन्दभद्रके सामने अपने नास्तिकतापूर्ण विचार रखना१८४५७. अगस्त्यजीका गंगाजीको अपना अभीष्ट मार्ग दिखाना३०९
३०. बालकका नन्दभद्रको उपदेश देना१८८५८. राजा शंखका अगस्त्यजीके साथ भगवान् विष्णुका कीर्तन करना३१६
३१. व्यासजीका कीटको उद्बोधन करना१९१५९. अंजनाको वायुदेवके द्वारा वरदान३१९
३२. हारीतका अपने पुत्र कमठसे परम भोजनका स्वरूप पूछना१९६६०. विश्वासु शबरद्वारा ब्राह्मणका आतिथ्य-सत्कार३३५
३३. ब्राह्मणोंद्वारा सूर्य भगवान्‌का स्तवन२०५६१. विद्यापतिका इन्द्रद्युम्नको नीलाचलवासी भगवान् विष्णुका वृत्तान्त सुनाना३३९
३४. भगवान् श्रीकृष्णद्वारा उग्रसेनजीको नारदजीके गुणोंका कथन२०८६२. इन्द्रद्युम्नका नारदजीके साथ भगवान्‌का प्रसाद ग्रहण करना३४५
३५. धर्मका महीसागरसंगमतीर्थका सावधान करना२१८६३. इन्द्रद्युम्नद्वारा भगवान्‌का स्तवन३५४
३६. बर्बरीकका भगवान् श्रीकृष्णसे श्रेयको पूछना२२५६४. श्रीजगन्नाथजीकी रथयात्रा३७५
३७. बर्बरीकका नागगणसे वरदान माँगना२२८६५. दक्ष प्रजापतिको श्रीजगन्नाथजीका वरदान देना३८८
३८. बर्बरीकका नागकन्याओंके विवाह-प्रस्तावको ठुकराना२२९६६. भगवान् शिवके द्वारा बदरीक्षेत्रकी महिमाका कथन३९४
३९. भगवान् शंकरका बर्बरीकको भीमसेनको छोड़ देनेके लिये आदेश२३१६७. देवताओंद्वारा भगवान् विष्णुसे वरयाचना४०६
४०. भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बर्बरीकका मस्तकछेदन२३४६८. तुलसीवृक्षके नीचे भगवान् श्रीकृष्णकी मूर्तिका पूजन४११
४१. भगवान् शंकरका भगवान् विष्णु एवं ब्रह्माजीके सामने प्रकट होना२३९६९. सत्यभामाका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने पूर्वजन्मोंका वृत्तान्त पूछना४२७
४२. मार्कण्डेयजीका नन्दिकेश्वरसे अरुणाचलक्षेत्रकी महिमा पूछना२४४७०. रोटी चुराकर दौड़ते हुए चाण्डालके पीछे विष्णुदासका घी लेकर जाना४३३
४३. गौतमाश्रममें हिंसक प्राणियोंका परस्पर प्रेम२५०७१. ब्रह्माजीका भगवान्‌से मार्गशीर्षमासका माहात्म्य पूछना४४४
४४. दुर्गादेवीका महिषासुरके साथ युद्ध करनेके लिये प्रस्थान२५१७२. राजा वीरबाहुका भरद्वाजजीसे अपने सौभाग्यका कारण पूछना४५१
७३. कुसुमसरोवरपर संकीर्तनमें उद्धवजीका प्राकट्य४६७