सौन्दर्यलहरी (आदि शङ्कराचार्य - सचित्र हिन्दी अनुवाद सहित)
Soundarya Lahari of Shankaracharya Hindi
श्रीमदादि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: Soundarya Lahari with Shlokas, Yantras & Hindi Commentary (उद्गम)
२५
अर्थः— हे दुर्गे, हे दया के सागर की ईश्वर ! आपत्तियों में डूबा हुआ मैं तेरा स्मरण करता हूं मेरी इसमें शठता है ऐसा मत समझना, क्योंकि क्षुधा और तृषा से दुःखी बालक ही माँ को याद करता है ।
जगदम्ब विचित्रमत्रकिं, परिपूर्णा करुणास्ति चेन्मयि ।
अपराध परम्परावृतं, न हिमाता समुपेक्षते सुतम् ॥११॥
अर्थः— हे जगदम्ब ! इसमे यहां आश्चर्य ही क्या है कि मेरे ऊपर तेरी पूर्ण दया है; अपराधों पर अपराध करने रहने पर भी, माता पुत्र की उपेक्षा नहीं करती ।
मत्समः पातकी नास्ति पापघ्नी त्वत्समा न हि ।
एवं ज्ञात्वा महादेवि यथायोग्यं तथा कुरु ॥१२॥
अर्थः— मेरे समान कोई पापी नहीं, और तेरे समान पापों का नाश करने वाली दूसरी नहीं, ऐसा जानकर हे महा देवि, जैसा योग्य समझो वैसा करो ।
इति श्री शङ्कराचार्य विरचितं देव्यपराधक्षमा प्रार्थना स्तोत्रम् संपूर्णम् ॥
The provided image appears to be completely blank and contains no text to transcribe.
If you meant to upload a different page or document, please re-upload the correct image, and I will be glad to transcribe it accurately into Markdown.
शुद्धि पत्र
| पृष्ठ | पंक्ति | अशुद्धि | शुद्धि |
|---|---|---|---|
| ६ | १६ | साधनोंपाय | साधनोपाय |
| ० | १९ | युद्ध | शुद्ध |
| १६ | १२ | के | में |
| ,, | २० | शान्ता | शान्तो |
| १८ | ४ | संक्या | संख्या |
| २३ | ११ | बहिद्रष्टि | बहिर्दृष्टि |
| ३० | ८ | उच्छ्श्वास | उच्छ्वास |
| ३० | ११ | दु. स. | दु. श. |
| ३९ | १०, १३ | हो जायगी | लग जायगी |
| ३९ | अन्तिम | ऐ स्वरात्मक | ऐ उसका स्वरात्मक |
| ४० | १७ | शांतातीता | शांत्यातीता |
| ४४ | १७ | सृस्ट्रत्व | सृष्टृत्व |
| ५९ | ११ | गायत्री का भी | गायत्री का ही |
| ६१ | ३ | शक्ति अनन्तता | शक्ति की अनन्तता |
| ,, | ४ | शैरि | शौरि |
| ६६ | ९ | संमार | संसार |
| ७२ | १८ | शाक्षात् | साक्षात् |
[ २ ]
| पृष्ठ | पंक्ति | अशुद्ध | शुद्ध |
|---|---|---|---|
| ७४ | १४ | निम्नोद्धत | निम्नोद्भूत |
| ७५ | २ | वराभित्यभिनया | वराभीत्यभिनया |
| ८३ | ६ | शक्त | शक्ति |
| ” | १३ | नाया | माया |
| ८९ | ६, ७ | तमोगु रजोगु | तमोगुण रजोगुण |
| ” | अन्तिम | रजित | रंजित |
| १०० | ७, ८ | \multicolumn{2}{l}{रुद्रग्रंथि के स्थान पर ब्रह्मग्रंथि और ब्रह्मग्रंथि के स्थान पर रुद्रग्रंथि पढ़ें} | |
| १०६ | ६ | जसे | जैसे |
| ११९ | ७ | शा. नि. | शा. ति. |
| १३२ | १५ | हरमहिशि | हरमहिषि |
| १३३ | ५ | हराधींगिनी | हरार्धांगिनी |
| १३४ | १३ | सूर्याः | सूर्यः |
(नोट: पंक्ति १००, ७-८ के लिए: रुद्रग्रंथि के स्थान पर ब्रह्मग्रंथि और ब्रह्मग्रंथि के स्थान पर रुद्रग्रंथि पढ़ें)
The provided image is completely blank and contains no text to transcribe.