श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
DevanagariHindipublished2,549 पृष्ठ
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दसवाँ अध्याय 10/189-190 ] अनुवाद-यहाँ तक मैंने महाप्रभुके साथ वैष्णवोंके करते हुए कृष्णदास इस श्रीचैतन्यचरितामृतका वर्णन मिलनकी कथाका वर्णन किया है। इसे जो भी श्रवण कर रहा है ॥ 189-190 ॥ करता है, उसे महाप्रभुके श्रीचरणकमलोंकी प्राप्ति होती है। श्रीरूप-रघुनाथ गोस्वामीके चरणकमलोंकी कृपाभिलाषा श्रीचैतन्यचरितामृत मध्यखण्डमें वैष्णवमिलन नामक दसवें अध्यायका अनुवाद समाप्त। । 431