श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)
Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary
श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा
DevanagariHindipublished2,549 पृष्ठ
पृष्ठ 2181, कुल 2549 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 2181
164 श्रीचैतन्यचरितामृत अन्त्यलीला 5/164 ] इति श्रीचैतन्यचरितामृते अन्त्यखण्डे प्रद्युम्न-मिश्रोपाख्यानं वर्णन कर रहा है॥164॥ नाम पञ्चमः परिच्छेदः। अनुवाद—श्रीरूप-रघुनाथ गोस्वामीके चरणकमलोंकी श्रीचैतन्यचरितामृतके अन्त्यखण्डमें प्रद्युम्न-मिश्र-उपाख्यान कृपाभिलाषा करते हुए कृष्णदास इस श्रीचैतन्यचरितामृतका नामक पाँचवें अध्यायका अनुवाद समाप्त।