भारतकोश
श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary

श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा

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पृष्ठ 507

ताँहार-दर्पण ] ताँहार विभूति, देह ७/११२ | ताहाते प्रमाण कृष्ण ४/१७९ | तैँह श्रीकृष्ण-ऐछे २/८५ ताँहार विशेष-ज्ञान २/८१ | ताहातेओ हओ तुमि २/४६ | तैँहो आपकाने करेन ६/७५ ताँहार श्रीमुखवाणी ६/५६ | ताहा देख, साक्षी तुमि २/४४ | तैँहो ईश्वर-हेन यदि ६/५७ ताँहार हुङ्कारे कैल ४/२७० | ताहा देखि' पाँचजनेर ७/२७ | तैँहो करेन कृष्णेर दास्य ६/७८ ताँहार हृदये भक्तभाव ६/८९ | ताहा देखि' महाप्रभु करेन ७/३१ | तैँहो कृष्णेर प्रकाश २/५८ ताँहार हृदये ताँर १/१०० | ताहार इयत्ता कहि ६/११५ | तैँहो दास्य-सुख मागे ६/४५ ताँहारा आपकाने करे ६/६५ | ताहार उपरिभागे ५/१६ | तैँहो ब्रह्मा हञा सृष्टि ५/१०३ ताँहाराओ आपकाने ६/७१ | ताहार 'कल्मष' नाम ३/६० | तैँहो भक्ति प्रचारिला ७/१६५ ताँहा सर्व लभ्य हय ५/२३१ | ताहार बाहिरे 'कारणार्णव' ५/५१ | तैँहो याँर दासी हैञा ६/६९ ताते जानि, मोते आछे ४/२६१ | ताहार ये आत्मा २/३६ | तैँहो रति-मति मागे ६/५६ ताम्बूलचर्वित यबे करे ४/२५४ | ताहार वैभव २/१०१, १०२ | तैछे इँह अवतार, सब २/७९ तार ऋण शोधिते ३/१०५ | ताहा शिखाइब लीला ४/२६५ | तैछे कृष्ण अवतार-भितरे २/८१ तार पापक्षय हय ३/६३ | ताहार श्रवणे नाश हय ७/१०९ | तैछे जगतेर कर्त्ता ५/६३ तार प्रेमे वश आमि ४/१८ | ताहारे निर्जिते भागवत २/६२ | तैछे जीवे गोविन्देर २/१९ तार मध्ये कृष्णचन्द्रेर २/६८ | ताहा हइते कोटिगुण ४/१२६ | तैछे परव्योमे नाना ५/३७ तार मध्ये मोक्षवाञ्छा १/९२ | ताहा हैते कोटिगुण ४/१८७ | तैछे सब अवतारेर कृष्ण २/९० तार मध्ये ब्रजे नाना ४/८१ | ताहा हैते राधा-सङ्गे ४/२५८ | तोमाके देखिये यैछे ७/१०३ तार मध्ये श्रीराधार ४/४८ | तिँहो याँर अंश ५/४८ | तोमाके निन्दये यत ७/५१ तारा आसि' प्रभु-पाय ७/३६ | तिनसुख आस्वादिते हब ४/२६८ | तोमार ईश्वर-कृष्णे ६/५८ तारे कहे, केने कर २/७३ | तिनेर स्मरणे हय १/२१ | तोमार अर्थे २/८७ तारे से से भावे ४/१९ | तिलफुल-जिनि नासा ३/४४ | तोमार दर्शने सर्व २/४५ ता-सबा डुबाइते पातिब ७/३२ | तुमि कोन् बड़ लोक ४/२५ | तोमार नाभिपद्म हैते २/३२ ताहा आस्वादिते आमि ४/२६२ | तुमि ना देखिले २/४५ | तोमार प्रभावे सबार ७/१०५ ताहा आस्वादिते यदि ४/१२० | तुमि नारायण-शुन २/३५ | तोमार प्रेमेते आमि ७/९१ ताहाञि सकल लोक ७/१५८ | तुमि पिता-माता २/३२ | तोमार महिमा-कोटि ६/११५ ताहा छाड़ि' कर केने ७/६९ | तुमि मूल नारायण २/५६ | तोमार माधुरी देखि' ७/१०४ ताहा देखि' क्रुद्ध हञा ५/१६९ | तुमि यदि आइस, पूर्ण ७/५४ | तोमार वचन शुनि' ७/१०४ ताहा देखि' लोकेर हय ५/१६७ | तुमि ये खण्डिले अर्थ ७/१३५ | तोमार शक्तिते ताँरा २/४१ ताहा देखि' सुखे आमि ४/२५६ | तुरीय कृष्णेर नाहि २/५२ | तोमा-सबार सम्प्रदाये ७/६४ ताहाते आइला तैँहो ५/१६२ | तुरीय, विशुद्धसत्त्व ५/४८ | त्रिजगते इहार केह ४/१३८ ताहाते आपन भक्तगण ३/२८ | तृष्णाशान्ति नहे ४/१४९ | ताहाते जानेन प्रभुर ४/१०५ | तैँह आसि' कृष्णरूपे २/७२ | द ताहाते निमेष,-कृष्ण ४/१५१ | तैँह चतुर्भुज, इँह २/६१ | दण्डवत् हैया आमि ५/१८२ ताहाते प्रकट हैला ४/२७२ | तैँह तोमार प्रकाश २/५७ | दर्पणाद्ये देखि' यदि ४/१४४ पद्य-सूची | ४६५