भारतकोश
श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary

श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा

DevanagariHindipublished2,549 पृष्ठ

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ताते-दशसहस्र ]

ताते तार वध नहे17/162तिन पुत्र शिवानन्देर प्रभुर10/62तोमार कवित्व येन16/100
ता'ते नृत्य, गीत, वाद्य17/205तिनलक्ष नाम तेंहो10/43तोमार चरणे आमि कि12/45
ताते बसि' आछे सदा8/51तिन सन्ध्या राधाकुण्डे10/101तोमार नगरे हय सदा17/173
ताते भाल करि' श्लोक16/49तिन स्कन्धेर कैल शाखार12/76“तोमार प्रसादे मोर घुचिल17/220
तार कोटि अपराध सब17/96तुमि काजी-हिन्दु-धर्म17/174“तोमार मुखे कृष्णनाम17/217
तार मध्ये छय वत्सर13/38तुमि कि जानिबे एड्16/50तोमार वेदेते आछे गोवधेर17/158
तार मध्ये छय वत्सर13/12“तुमि त' ईश्वर वट17/270तोमारे करिल दण्ड प्रभु12/38
तार मध्ये नीलाचले छय13/35तुमि पाण्डु, पञ्चपाण्डव10/132तोमा शान्त कराइते रहिनु17/146
तार मध्ये श्लोक तुमि16/43तुमि भाल जान अर्थ16/38तोमा सबार भर्त्ता हबे14/54
तार शिष्य-उपशिष्य, तार10/160“तुमि महापण्डित हओ16/99तोमा-सबार शास्त्रकर्त्ता17/167
तार स्कन्धे चड़ि' आइला14/38तुमि माटि खाइते दिले14/27तोमासम कवि कोथा नाहि16/100
तार स्कन्धे चड़ि' नृत्य17/100“तुमि ये कहिले, पण्डित17/169“तोमा-सम पृथिवीते कवि16/37
तारा गाय, मुजि नाचि10/19तुमिह यवन हञा केने17/197
तारे डाकि' कहे प्रभु14/57तुष्ट हञा प्रभु आइला17/98
ता'-सबा निषेधि' प्रभु16/98तृण हैते नीच हञा सदा17/26
ता-सबार अन्तरे भय प्रभु17/132तृणादपि सुनीचेन तरोरिव17/31त्र
ता-सबार विद्यापाठ भेक8/6तृतीय-चरणे हय पञ्च16/74त्रयोदशे महाप्रभुर 'जन्म17/325
ताहाँ प्रचारिल दुँहे भक्ति10/89तृतीय परिच्छेदे जन्मेर्17/315त्रिजगते यत आछे धन9/28
ताहा देखि' रहिनु मुञि17/191तेंह-विश्वेर उपादान13/75
ताहाइ करिनु एइ ग्रन्थेर8/77तेंहो अति कृपा करि'8/65
ताहाके 'तालाक' दिब17/222तेंहो त' चैतन्य-कृष्ण17/315
ताहाते असंख्य फल9/38तेंहो तोमार साध्य-साधन16/13दण्ड-कथा कहिब आगे10/32
ताहाते आचार्य बड़ हय17/66तेंहो मूर्ति हञा खेले, जानि14/9दण्ड पात्रा हैल मोर12/41
ताहातेइ ध्वज, वज्र14/7तेंहो लक्ष्मीरूपा, ताँर सम10/15दण्ड शुनि' 'विश्वास' हइल12/37
ताहाते ऐश्वर्य देखि' फाँफर17/112तेंहो सिद्धि पाइले ताँर देह10/46दण्डे तुष्ट प्रभु ताँरे10/32
ताहाते चैतन्य-लीला8/44तेञि क्षमा करि, ना17/184दर्शन करि कैलुँ चरण8/74
ताहाते जन्मिल शाखा11/5तैछे आमार शास्त्र-केताब17/155दरिद्र कुड़ाञा खाय9/30
ताहार माधुरी-गन्धे लुब्ध12/94'तोरे शिक्षा दिते कैलु17/183दश अलङ्कारे यदि एक16/69
ताहारे सम्मान करि' प्रभु17/103तोमरा जीयाइते नार17/165दशमेते मूल-स्कन्धेर17/323
ताहि मध्ये छयऋतुर17/238तोमार एइ उपदेशे नष्ट12/15“दशसहस्र गन्धर्व मोरे देह'10/19
तिँह श्याम,-वंशीमुख17/302“तोमार ऐछन रङ्ग13/101
तिन दिन रहि' सेइ गोपाल17/45तोमार कविता-श्लोक16/38
तिन पादे अनुप्रास देखि16/67तोमार कवित्व किछु16/35

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