भारतकोश
सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)

सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)

Subhashita Ratna Bhandagara

पण्डित काशीनाथ शर्मा (सम्पादक: नारायण राम आचार्य) द्वारा

स्रोत: Subhashita Ratna Bhandagara (10,000+ Classic Sanskrit Epigrams & Maxims - Nirnaya Sagar Press) (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished516 पृष्ठ

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सस्थाननिर्देशमनुक्रमकोशः

११

आ वोरणाङ्कुशभया ९२।७८आपेटिरेऽम्बरपथ (रसगगाधर) २१९।६आयाते श्रुतिगो (सु १०५२) ३२९।१५
आधोरणानां (रघु ७ ४६) १२८।३०आपो विमुक्ता. क २१२।२८आयातो दयितस्त (सु २०७७) ३०४।५
आध्मातोद्धू (शा प ३८५३) ३३९।१२४आबद्धकृत्रिमस (भट्ट.६६) २३०।२५आयातो भवत (सु २८१५) २०८।३६
आननं मृगशावा (रसगगाधर) २६२।१६७आबभ्रन्प (शा प ३३०९) २४१।१३६आयान्त्या दिवस ३२७।२०
आननानि हरिणी ३००।३३आबाल्यं पतिरेष १२०।१५०आयामिनोस्तदक्षणो २५५।७६
आननैर्विचक (शिशु. १०.३६) ३१५।३९आबाहूद्वतमण्डलाय (सु.७४) २६।२०६आयासशतलब्धस्य(भर्तृ स ४००)६९।१३
आनन्तरमिव बहि ३१।२६आभाति बालिकेयं पा ३१।७२आयु कर्म च (पच २ ८५) १६२।४२८
आनन्द कचिदद्य ३५८।५६आभाति शोभातिश २७७।१७आयु कलोल (भर्तृ ३ ३७) ३७३।१८८
आनन्दं कुमुदादीना २९९।३आभुमाङ्गुलि (शा प ३२९१) २८८।३५आयुर्दानमहोत्स (कुव०१६८) ११४।१२
आनन्दम (का.प्र. १० ५४०) २७८।२३आभ्या कुचा (नैषध ७ ७८) २६५।२७९आयुर्वर्षशतं (भर्तृ ३ ५०) ३७३।१८०
आनन्दमन्थरपुरद (कुव १७१) ९१।१७आमन्त्रणजय (शा प ४०४८) ३६४।२९आयुर्वायुव्य (सूक्ति १०७ २४) ३६५।६२
आनन्दमात्रमकर २३१।२५आमरणादपि (शा.प.८८२) २२८।१०७आयुर्वित्तं गृह (हि १ १२३) १५७।१९७
आनन्दमादधत २२१।२५आमर्रणान्ता प्रण (हि १ १८०) ४६।८५आयुर्वेदकृता (चा.नी.१०३) १४२।२०
आनन्दमृगदावाग्नि (रसगगाधर) ८७।६आमीलन्नवनील २७०।४३०आयुस्ते नरवीर १०९।२२५
आनन्दयति कोऽस्य १९८।५आमीलिताल (मा.द. १० ९५) २१९।२९आयुरेखा च २६४।२४३
आनन्दश्वयिताः समा ५।५७आमूलं कचिदुद्धता १४२।११आरब्धे दयि (शा प ३३२५) २६३।२०३
आनन्दक्षुतिरात्मनो ९०।१४आमूलान्निबद्ध २४२।१६२आरभन्तेऽल्पमेवा (शिशु २.७९) ४५।२०
आनन्देन (सु ३९) २५१।८५आमूलान्ता (शिशु. १८.२१) १२९।६६आरभ्यते न (भर्तृ स २७७) ५०।२०३
आनम्रा स्तबकभरे २२३।७६आमृशद्भिरभि (शिशु १० २९) ३१७।२०आरम्भगुर्वी (भर्तृ २.४०) १७२।८२६
आनीला करपल्लवै ३०२।११२आमोदिनी (शा प १०५०) २४२।१७५आरातकारीषव (सु २४१७) ३४८।२२
आनेतुं न गता ३५९।१०२आमोदैर्मत्तो मृगः (सु ८२३) २३६।२६आराध्य भूपति (सु ३२५८) ३७४।१९८
आपत्समुद्धरणधी ७८।१३आमोदैस्ते दिशि (शा प ९९८) २३७।५२आराध्यमा (हि.२ १५८) ६०।१२७
आपत्सु मित्रं (हि. १०७२) १६३।४४५आम्नायानामा (काव्या ३ ८४) २०६।१४आरामाधिपति २१४।८१
आपत्स्वेव हि मह (शा प २१४) ४७।८६आम्र यद्यपि गता २३९।१०४आरामाभरणस्य (शा प १००१) २१३।६१
आपदर्थं धनं र (हि १.०४२) १६१।३४८आम्रे पल्लविते स्थित्वा ३३।१६आरामोऽयमन (शा प.९३०) २३२।८७
आपदर्थे धनं (मा १ ६१६९)१६७।६४२आयतामसितर ३०४।१४५आरुह्य शैलशि ३१२।३३
आपदा कथि (चा.नी. ७४) १६२।४०५आयताङ्गुलिर (शिशु १० ६५) ३१७।२६आरूढ पति (शिशु. ८.५४) ३३९।१९१
आपदामापतन्ती (हि १.३०) १६७।६२९आयस्य तुर्यं (शा प रा ११५) ३८३।२५५आरूढक्षितिपाल १२०।२१
आपदि मित्रपरी १७०।७५५आयत्यां (का नी ५ ६) ३८३।२५७आरूढो मलया ३३३।९८
आपदि येनोप (पच १ ३६६) १७१।७७९आयत्या कलहं (अमरु १०६) ३५८।५८आरोग्य वि (शा.प.३१७) १७०।७५७
आपद्रत खलु महा (रसगगाधर) ५०।१९१आयत्या गु (म ७ १७९) ३८३।२५६आरोग्यमान्त्र (मा ५ १०५५) १७२।८२४
आपद्गत हससि किं ६५।१७आयाश्चतुर्थं (शा प.१३९२) १४६।१६५आरोपिता शिलाया ३६।८८
आपद्युन्मा (का.नी ५.२८) १६४।४८४आयात. कुमुदेश्वरो ३०८।१६आरोप्यते शिला (हि.२.४७) १६३।४७५
आपन्नाशाय (पच २.१८१) १६४।५३७आयातस्ते समीपं ९१।३६आरोहतु गिरिशि ९१।४४
आपारितोषाद्धि (अ शा १ २) १७०।७४६आयाता सखि ३४०।११आर्ता देवाश्चम १५७।१६८
आपस्काराल्लग्नगात्र १३०।८२आयाता जलदावली ३३।०१२आर्तानामिह जन्तू १०१।८
आपातलैलैः प्रथमम ३२३।१६आयाता मधुयामि (शृङ्गारति २) २८५।३७आलक्ष्यदन्तमुकु (अ.शा.७ १७) ८९।१३
आपाण्डु पीनकठि १८५।१०आयाता मधुरजनी ३३१।१२आलपति पिकव २७०।११
आपाण्डुरा शिर ३६५।४५आयातासि वि (शा.प.३७७९) ३५३।४७आलम्बे जगदालम्बे २।२
आपातालगभीरे २३१।६५आयाति याति पुनरे (शृङ्गार ४) २९६।७आलम्ब्याङ्गणवा (अमरु ७८) २९०।९१
आपुष्ठाम्रममी (हनु ५.२३) २८२।१४०आयाति श्रियमङ्ग २५४।४८आलस्यं स्त्रीसेवा (हि.२.५) १७१।७९४
आ पुष्पप्रसवा (शा प१०२८)२४१।१३९आयाते च ति १८०।१०५१आलस्यं स्थिर (चाक्यि.११५ १४) ६३।३६
आपूरितमिदं श्याम २९७।३आयाते दयिते मनो(अमरु ७७)३१९।३८आलस्यं हि मनु (भर्तृ.२.७४) ८३।१५
आपूर्येत पुनः स्फु (सु.७११) २१९।१५आयाते दयिते (दशरूप ४.१३) ३०५।१आलस्योपहता (चा.नी.५.७) १५७।१७७