भारतकोश
सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)

सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)

Subhashita Ratna Bhandagara

पण्डित काशीनाथ शर्मा (सम्पादक: नारायण राम आचार्य) द्वारा

स्रोत: Subhashita Ratna Bhandagara (10,000+ Classic Sanskrit Epigrams & Maxims - Nirnaya Sagar Press) (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished516 पृष्ठ

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संस्थाननिर्देशमनुक्रमकोशः

चलं वित्तं चलं चित्त ९८।५चित्रं नर्तनमम्बरे १८४।७०चेतोभुवश्चापवति २५०।१०
चल चेत पुमा ३५७।५५चित्र महानेत्र बना (रसगङ्गाधर) ३६३।१२चेतोहरा (शा प ४१३०) ३७३।१७४
चलत्कर्णानिलोद्भूत (शा प ५७) २।६चित्राभिरस्योपरि (शिशु ३ ४) १२३।३चेत्पोरादपि शङ्कसे ३५३।५०
चलत्कामिनमोनी (शा प ३२९०) २५७।४चित्राय त्वयि चिन्ति २९१।९२चेलाञ्चलेन (शा प ३९१०) ३४५।५३
चलत्तरङ्गरङ्गाया गङ्गा १८१।११चित्रास्वातीगता १६६।२८५चोलं नीलनिचोल ३५९।९३
चलत्येकेन पादे (शा प १४६३) १५४।३५चित्राखादक (पंच १ ४१६) १४९।३०३चोलाङ्गनाकुचनि ३२५।११
चलद्दूलोत्कादशनाक्षि ३४०।१चित्रोत्कीर्णाद (शा प ३४९४) २८९।५०चोली चोली न तु कल १२५।९
चलद्भङ्गीमिवा (रसगङ्गाधर) २६२।१६१चिन्तनीया हि (शा प १४४०) १५३।१७च्युता दन्ता (शा प ४२३) ७६।६
चलन्ति गिरय कामं ७७।२चिन्ता मुञ्च गृ (शा प ०५४) २३४।१३४च्युतामिन्दोर्लेखा (शा प ९६) ५।४८
चलन्ति येषा (शा प १५७१) १४३।४३चिन्तागम्भीरकू ११२।२७९च्युतोऽप्युद्गच्छति (सु ०२३) ४६।७६
चलापाङ्गा दृ (अ शा १ २०) २८३।१६०चिन्ताचक्रिणि हन्त ७९।७
चलेषु स्वामिचित्तेषु ९७।२चिन्ता जरा म (चा नी १२ ५) १५५।८२छत्रवारी न राजासौ १८४।१२
चाञ्चल्य चरणौ विहा २५७।५९चिन्ताभि (सा द ३ २०८) २८६।२८छत्र सैन्युरजोभरेण ११७।९१
चाञ्चल्यमुच्चै श्रवसस्तु ६३।२३चिन्तामोहविनिश्च (अमरु ८७) ३२९।२३छन्न कार्यमुपक्षि (मृच्छ ९ ३) १३९।५
चाटतस्क (याज्ञ स्मृ १ ३३६) १४९।२९९चिन्तासक्तनिम (मृच्छ ९ १४) १०१।१४छादयित्वात्मभावं (प्र भ १६) ३८६।३६४
चाण्डाल पक्षिणा १५९।२८०चिन्तासहस्रे (शौन नी ११५) ३८९।४७८छादित कथ (शिशु १० १९) ३१५।२२
चाण्डालश्च दरिद्रश्च ६५।६चिन्त्यते नय ए (दृ श ७) १५०।३५५छाया प्रकुर्व्वन्ति (शा प ११२३) २१९।७
चातकः खलुमा (शा.प ७७०) २११।२चिन्वच्चोरचिक्की (शा प ३६०८) २९७।३३छायाफलाने (शा प १०२०) २२०।५
चातक धूमसमू (शा प ८५७) २२६।१५१चिर ध्याता रामा ३७४।२१५छायाभि प्रथम २३६।२५
चातकश्चिचतुरा (पूर्वचातका २) ४९।१६०चिरमपि क (किरात १०.४८) २८८।३७छायामन्यस्य कुर्वन्ति (विक्रम.६५) २३६।४
चातकस्य खलु (शा प ८५४) २१२।२५चिरमाविष्कृतप्रीतिभी ११।७छायावन्तो गत (शा प ९७८) ४५।७
चातुर्य्यैककचिह्न २६३।२०६चिररतिपरिखेद (शिशु ११ १३) ३२२।३छाया वियोगिवनि ३३६।१७
चादय इति यत्र २००।४३चिरविरहिणो रत्यु (अमरु.४४) ३१९।३५छाया संश्रयते तलं (कुव ५८) ३३७।५१
चान्द्री लेखा (प्र राघव ६ ३) १९८।१००६चिरशान्तो दूरादह २३०।१२०छायासुसमृग (पंच २ २) २३६।१९
चापाचार्य्यस्त्रिपुर (बालरामायण) ३६०।३४चिरादक्ष्णोर्जा ११५।२९छित्त्वा पाशम (पच २ ८८) ९४।१०६
चामरे श्रीक (शा प १४१३) १४५।१०७चिराद्यत्कौतुकाविष्टं १०१।२छिद्रान्वेषण (शा प ३६१९) ३५७।३३
चारुता परदारार्थं ५६।९५चिराय सत्सगमङ्गु (सु ०६२) ४९।१८५छिन्न सुनिश्चितै २४२।२०२
चारुता वपुर (शिशु १०.३३) ३१५।३६चिरेण मित्र संधी १६६।५८२छिन्नेऽपि (शा प ३९८९) ३६०।१६
चारूनू पुरसणत्कृ (शा प ३६८९) ३१८।८चीत्कारैरनाश्यन्त १४३।४७छिन्नोऽपि रोहति (भर्तृ सं २४६) ४७।९३
चिकीर्षितं वि (भा ५ १०८९) ३९४।६९९चीराणि कि पथि (भर्तृ म ४९७) ७५।१५छेत्ति ब्रह्माशिरो (शा प ११६१) २७५।६
चिकुरप्रकरा जय (नैषध २ २०) २५७।१९चुम्बनेषु परिव (रघु १९ २७) ३१८।६छेदश्चन्दनचूत (नीतिसार ६) १७८।१०१६
चिता प्रज्वलिता दृष्ट्वा ४४।३चुम्बन्तो गण्ड (शा प ३९४५) ३४८।१९
चिता दहति निर्जी (प्र म.१७) ३९४।६७०चुलुकयसि चन्द्रदी २८३।१६३जगति जयि (मालती १ ३९) २७९।६९
चित्तनिर्वृतिनिधायि ३१६।६३चुलीसीमनि (शा प ३९४१) ३४८।१५जयति नैशमशी (शिशु ६ ४३) ३४४।३१
चित्तभूवित्तभूमत्त ३७४।२१३चूडापीडकपालसङ्क (मालती.१.१) ९।१२१जगति विदितमेत २४८।८३
चित्तायत्तं धातुब १७१।८१५चूडापीडाभिराम १२५।१८जगतप्रसूति (किरात ४ ३२) ३४४।२४
चित्ते निवेश्य परि (अ शा २.९) २५३।२१चूडारत्नमपानिधि २९१।९७जगतिसुक्ष्माप्रलय (सु ४) ४।३२
चित्ते भ्रान्तिर्जायते १००।६चूडारत्नै स्फुरद्भिर्वि २९८।४०जगदिव बहुलातपा २९४।४७
चित्रं कनकलताया ३६३।७चूडाशीतकरस्तनवय ९।१२५जगद्द्द्मूमू (नैषध ७ १००) २६९।४१४
चित्र कनकलताया ३६३।११चूतश्रेणीपरि (शा प ३८१२) ३२६।२७जगन्नेत्रानन्दं वद २६३।१९६
चित्रं चि (का.प्र १०.५३६) १७१।१५८चूताङ्कुरास्वादक (कुमार ३ ३२) ३३१।२९जगौ विवाहावसरे ३३१।१९
चित्रं तपति राजेन्द्र (कुव ७९) १३३।१चूताना चिर (अ शा ६ ४) ३३३।९४जग्ध्वा माषमयान ३६५।५४
चित्रं न तयदय (शा प.११४५) २२०।७चेत कर्षन्ति (शा प ३९१०) ३४५।४७जघान बाणैर्दश ३१३।४२
चेत प्रसादनजनन (सु १६१) ४०।५१जङ्घाकाण्डोरु (का प्र. ७ १५०) १३१।५०
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