भारतकोश
सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)

सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)

Subhashita Ratna Bhandagara

पण्डित काशीनाथ शर्मा (सम्पादक: नारायण राम आचार्य) द्वारा

स्रोत: Subhashita Ratna Bhandagara (10,000+ Classic Sanskrit Epigrams & Maxims - Nirnaya Sagar Press) (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished516 पृष्ठ

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संख्याननिर्देशसप्तमक्रमकोशः ६५


राजानं ११२।२७४रामं सीता १८९।६२रे खल तव ५७।१३७
राजानमेव (पंच १ ४२) १४८।२५२राम त्वत्की १८४।७३रेखा काचन २५६।५०
राजा नाम १५०।३२३रामरामे (रामरक्षा ३८) १८८।३६रे चाञ्चल्य (भामिनी.प्रा ५७) २३२।८०
राजानो यं (शा प.१३२४) १४५।१३५रामाणा रमणीय (अमरु १२३) ३२६।२८रेजुरंश्ट्या ६३०।९७
राजा पश्य १६६।५६७रामायाचय १२।२९रेजे पुष्पैर्भ्रीष्म ३३५।१
राजा बन्धु (पच १ ३७७) १४९।३०१रामाभिषेके (ऋतु ३ ३) १८१।२८रेत शोणि (शाति श १ २६) ३७६।२५९
राजा मत्तं (हि ३ १८) १४७।२२४रामार्चिता १२।५३रेतोरक्तमया २६।२०४
राजा राजा (सु ९७) ८।११८रामाविलोल २५९।९५रे धाराधर (चान ७) २१४।८०
राजा (वृ चाणक्य ६ १०) १६०।३१२रामेण त्रि सप्त (शिशु १८ ७०) १३०।९९रे धूष्टा वार्त (शा प ४०८७) ३६७।१४
राजा राष्ट्र (वृ चाणक्य ६ १०) ३९१।६०६रामे प्रव्रजन (विक्रमच ८०) ९४।१०८रे पद्माकर याव (शा प.१८४३२) २१९।१२
राजा वे (वृ चाणक्य १७.१९) ३९२।६०६रामो नाम (कृष्ण कर्णा २ ७२) २४१।५५रे पद्मिनीदल (शा प ११३३) २४४।२२७
राजाश्रय १७३।८५७रामो हेममृग (वै १५) ३७८।४१रे पद्मिनी २४४।२१९
राजा सप (भोजप्र ५२) १४७।१९८राक्षस चित्त १७८।२८९रे पान्था ३३५।१४१
राजस्य जगतो (का नी १ ९) १४२।१रासोल्लासम (गीत १ ४ १२) २४१।६८रे पुत्र सत्सङ्ग १८२।३४
राजीव जीव (प्र राघव १.३६) २७१।३५रिक्ता कर्मणि (शा प १३३०) १५१।३६३रेफ व्यञ्जन १२०।१४४
राजीवमिव (काव्या २ १६) ३४४।१०रिक्तेषु वारि (कुव ३१) ३३६।१८रे बालकोकिल (शा प ८४७) २२५।१३३
राजीविनीवि २१४।९रिङ्गत्तुङ्गतरेङ्ग १३७।७२रे राजहस (शा प ८०४) २२१।१८
राजेति क्षण ११५।२१रिपुरिव सखी (गीत.७ १६ २) २८४।२३रे रे कोकिल (भर्तृ स.७१९) २२५।१३१
राज्ञौ द्विजा (नैषध ७ ४६) २६१।१५७रिपुश्रिय कि १२४।४रे रे खला ३१।३२
राज्ञ सबो २००।३८रुचि वात्रि भर्तरि (शिशु ९ १३) २९४।४१रे रे घरट्ट २६०।१०१
राज्ञस्तु १५०।३३०रुचिभिर ३०४।१६०रे रे चातक (भर्तृ स ७२१) २२६।१६६
राज्ञामस्य (नैषध १२ ५८) १९०।२४०रुचिरति २४४।२२३रे रे दीप २४७।६७
राज्ञामाज्ञा १५०।३२४रुचिरखरखणंपदा (शा प ५२३) १८६।२रे रे निर्दय (ऋतु ५.२२) २८२।१३९
राज्ञि धर्मिणि (भोजप्र.४४) १४५।१९९रुजन्ति (मा १२ १२५।४) ३९२।६१६रे रे पान्थ ३५५।८३
राज्ञि मात १४६।१६३रुद्धनिर्गमन (कुमार ८.६०) २९९।२५रे रे रसाल २४०।११३
राज्ञो मानधन (वेणी ४ १) २६६।९रुद्रस्यापि १२२।१७५रे रे रासभ २३४।१३८
राज्ञो विपद्धनुवियो (दश रू.) ३८५।३३४रुद्रोऽद्रिं जलधिं (सु ५४३) ७१।४४रे रे लोका ३६५।५६
राज्यं येन २१।८३रविरविसर (का प्र ४ ७७) ११६।७२रे रे शिष्टबकोट (शा प ८९५) २२९।२३१
राज्य शत १४३।५५रुन्धती नयन (किरात ९.६७) ३९६।५९रे लाङ्गलिक (शा प ११८४) २४६।३९
राज्य (हि २ १८१) १४७।२२२रुष्टे का परपुष्टे (भर्तृ स ७१७) २८८।१९रेवावारिणि (शा प ९२२) ९५।१२५
राज्ये सारं (काव्याल ७ ९७) १७१।८०२रुष्टोऽपि १५०।३३६रे सारङ्गा २८३।१६५
रात्रि काल २९२।३४रूक्षं वपुर्न (सूक्ति २४ ४) २३४।१२९रोगशोक (हि १ ४१) १६९।७१९
रात्रि सैव (भर्तृ ३ ४५) ३७५।२२७रूक्षं विरौति (सु ४३८) ६०।२४१रोगी चिर (शा प २५८९) १७०।७६८
रात्रिरागमलि (किरात ९ १६) २९७।१०रूक्षस्यामधुरस्य (शा प ८८४) २२८।२१६रोगोऽण्ड (सु ३८३) ५८।१६७
रात्रिर्गमिष्यति (भर्तृ.स ७१२) २२३।७८रूक्षाया स्नेह (पच ४ ५८) ३४९।३०रोदोरन्ध्रं (शिशु १८.१५) १२९।६१
रात्रिर्मे २८५।३८रूढस्य सिन्धु (शा प १०६०) २४३।१९४रोमन्थमारेचय(भर्तृ स ७२३) २३३।१०६
रात्रौ जानु (भोजप्र २३३) ६६।११रूपं जरा (वानरा ४) १७३।८७२रोमावलिङ्क २६७।३५२
रात्रौ रखे (कुव.३५) १३८।१रूपमप्रति (शिशु १० ३७) ३१५।४०रोमावली २६७।३४३
रात्रौ वारिभरा (अमरु ५४) ३४३।९१रूपयौवनसपन्ना (स पाठोप ५३) ३९।९रोमावलीदण्ड (नैषध ७.९०) २६८।३७९
राधा पुनातु(कृष्ण कर्णा २ २५) २६१।९९रूपवाश्चापि ८६।२रोमावली सु १४।११
राधामधु २२१।१२रूपसपन्न (नल.च १.२२) ३५०।५रोमावली र (नैषध ७ ८४) २६७।३५०
राधामुग्ध (गीत.५.११.६) २५१।७२रूपसौरभ २३८।६६रोलम्बस्य (शा प.१०११) २३९।९६
राधामोहन (साहिल.कौ.४.६) २५१।८६रूपेणा (पच.४ २२६) १७९।१०२८रोलम्बा. २८५।४०
रामं वानर १९१।८७रे कूप जीव ३२०।२रोलम्बेन (शा.प.९७६) १८०।१०४८

१ सुभा०अनु०