भारतकोश
सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)

सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)

Sundar Vilas of Sant Sundardas with Hindi Commentary

सन्त सुन्दरदास जी द्वारा

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२२४ ] ॥ सुन्दर विलास ॥ फेरि जब कह्यो धन गड्यौ तेरे घर माहि, खोदन लग्यौ है तब निदिध्यास ठानिये । धन निकस्यौ है जब दरिद्र गयौ है तब, सुन्दर साक्षात्कार नृपति बखानिये ॥३५' ॥ इति आतम अनुभव को अंग सम्पूर्ण ॥