सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)
Sundar Vilas of Sant Sundardas with Hindi Commentary
सन्त सुन्दरदास जी द्वारा
पृष्ठ 279, कुल 284 में से
संदर्भ में पढ़ें२७० (७) कमल-हृदय, मन। पानी-भगवत्प्रेम। सूर- ब्रह्मज्ञान। शीतलता-शान्ति। (८) हस-सत्वगुण। ब्रह्मा-रजोगुण। गरुड-रजोगुण। हरि-सत्त्वगुण। बैल-शरीर। शिव-आत्मा। देव-आत्मज्ञान। पाती-देहासक्ति। जरख-मन। डायन-विषयासक्ति। पानी- राग। अ गीठी-सुख दुख। (६) कपडा-शरीर । धोवी-मन । माटी-तृष्णा । कुम्हार-जीवात्मा। सूई-स्वरूप स्मृति । दरजी-जीवात्मा। सीवे-ब्रह्म से मिलावे । सोना-प्रभुस्मरण । सुनार-मन । लकरी-ध्यान । बढई-जीव । छीले-कर्मका क्षय करे । खाल-प्राणायामकी-धोकनी । लुहार-प्राणी । (१०) घर-शरीर । मिठाई-विषयानन्द । लोन- ब्रह्मानन्द। पर्वत-अज्ञान का । धौन-पवन ज्ञान का । (११) रजनी-प्रवृत्ति । दिवस-निवृत्ति । तेल-ब्रह्म चिंतन । दीपक-ज्ञान । बाति-बत्ती, पचभूत । पानी-उपासना निगुरा-निर्गुण । (१२) मेघ-भगवत्प्रेम । धार-भनकी धारा । मेरु- अहकार । नदी-सासारिक आसक्ति । बीजली-रजोगुणी तमोगुणी बुद्धि । कासा-सत्वगुण । कुटुम्ब-शुभाशुभ सस्कार ।