भारतकोश
सुर्जन चरित महाकाव्यम् (कवि चन्द्रशेखर - बूँदी हाड़ा चौहान राजवंश शौर्य इतिहास सटीक)

सुर्जन चरित महाकाव्यम् (कवि चन्द्रशेखर - बूँदी हाड़ा चौहान राजवंश शौर्य इतिहास सटीक)

Surjana Charita Mahakavya of Chandrashekhara with Commentary

कवि चन्द्रशेखर (सम्पादक: डॉ. चन्द्रधर शर्मा) द्वारा

DevanagariHindipublished256 पृष्ठ

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दयितस्तु सन्ततमभूत् कथापरः ।" Wait, is it "वधूर्दयितस्तु" or "वधूर्वदयितस्तु"? Look at the word: "वधूर्दयितस्तु" - wait, there is an extra letter or repha: व - धू - र् - द - यि - त - स्तु Wait, look at image line 27: "प्रतिवाचमीरयतु वा न वा वधूर्दयितस्तु सन्ततमभूत् कथापरः ।" Wait, look at "वधूर्दयितस्तु": There is व, धू with repha on... wait, on the next letter? Let's zoom in: "व धू र्द यि त स्तु" -> yes, "वधूर्दयितस्तु"! Next line of verse 82 (line 28): "अदस्रीयलोचनयुगं विलोकयन् वचनश्रुतौ सुचिरमुत्तरङ्गितम् ॥८२॥" Wait, "अदस्रीयलोचनयुगं" or "अदसीयलोचनयुगं"? Look at line 28: "अदसीयलोचनयुगं विलोकयन् वचनश्रुतौ सुचिरमुत्तरङ्गितम् ॥८२॥" Wait, let's look at the first word: अ - द - सी - य - लो - च - न - यु - गं Yes, "अदसीय