सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
DevanagariHindipublished838 पृष्ठ
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स्पष्टाधिकार ८६
[Diagram: चित्र १६]
इस वृत्त खंड का क्षेत्रफल = < स प सि × (पस)² / २ = स स्थान का कोणीय वेग × (पस)² / २ और सा प सी का क्षेत्रफल = < सा प सी × (पसा)² / २ = सा स्थान का कोणीय वेग × (पसा)² / २ परन्तु ऊपर बतलाया जा चुका है कि कोणीय वेग ∝ १ / (कर्ण)² = अ × १ / (कर्ण)² जब कि अ कोई अचल राशि है है । ∴ स प सि वृत्त खंड का क्षेत्रफल / सा प सी वृत्त खंड का क्षेत्रफल = {स का कोणीय वेग × (पस)² / २} / {सा का कोणीय वेग × (पसा)² / २} = स का कोणीय वेग × (पस)² / सा का कोणीय वेग × (पसा)²