भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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स्पष्टाधिकार ६६ बसन्त विषुव

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चित्र २१—बुधकी मार्गी और वक्री तथा अन्य गतियां

है। सायन मेष से २३ और आगे निरयन मेष मास का आरम्भ होता है, यह १३, १४ अप्रैल को पड़ता है। सूर्य राशि चक्र में मेष से वृष, वृष से मिथुन इत्यादि राशियों में जाता हुआ जान पड़ता है।

राशि चक्र मे छोटा वृत्त भूकक्षा है। इसी पर पृथ्वी चलती हुई 'स' सूर्य की, जो केन्द्र में है, एक वर्ष में एक परिक्रमा कर लेती है। सूर्य निवासियों को पृथ्वी भी मेष से वृष, वृष से मिथुन, मिथुन से कर्क, कर्क से सिंह इत्यादि राशियों में भ्रमण करती दिखाई देती है। इसी के भ्रमण से हम लोगों को सूर्य भ्रमण करता हुआ जान पड़ता है। चित्र २१ में इसका भ्रमण प से आरम्भ होता हुआ दिखाया गया है और