सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंस्पष्टाधिकार ११७ ज्या नप - ज्या (न - १) प = त_{न} और ज्या (न + १) प - ज्या न प = त_{न+१} तब, त_{१} - त_{२} = २ ज्या प - ज्या २ प = २ ज्या प - २ ज्या प कोज्या प* = २ ज्या प ( १ - कोज्या प ) = २ ज्या प × उज्या प** (१) त_{२} - त_{३} = २ ज्या २ प - ज्या प - ज्या ३ प = २ ज्या २ प - ज्याप - (३ ज्या प - ४ ज्या³ प) = २ ज्या २ प - ४ ज्या प + ४ ज्या³ प = २ ज्या २ प - ४ ज्या प (१ - ज्या² प) = २ ज्या २ प - ४ ज्या प × कोज्या² प = २ ज्या २ प - २ ज्या प × कोज्या प × २ कोज्या प = २ ज्या २ प - २ ज्या २ प × कोज्या प = २ ज्या २ प (१ - कोज्या प) = २ ज्या २ प × उज्या प (२) त_{३} - त_{४} = २ ज्या ३ प - ज्या २ प - ज्या ४ प = २ ज्या ३ प - (ज्या २ प + ज्या ४ प) = २ ज्या ३ प - २ ज्या ३ प × कोज्या प*** = २ ज्या ३ प (१ - कोज्या प) = २ ज्या ३ प × उज्या प (३) इसी प्रकार त_{न} - त_{न+१} = २ ज्या नप - ज्या (न - १) प - ज्या (न + १) प = २ ज्या नप - {ज्या (न - १) प + ज्या (न + १) प} = २ ज्या नप - २ ज्या नप कोज्या प = २ ज्या नप (१ - कोज्या प) = २ ज्या नप × उज्या प (न)
- कोज्या = कोटिज्या = cosine × × उज्या = उत्क्रमज्या = versed sine = (1 - cosine) = १ - कोज्या × × × देखो Hall and Knight's Trigonometry page 113.