भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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१६८ सूर्य-सिद्धान्त (इ^{३√-१ उ} - इ^{-३√-१ उ}) + ......... ∴ समीकरण (घ) का रूप होगा, स√-१ = उ√-१ + प (इ^{उ√-१} - इ^{-उ√-१})

  • \frac{प^२}{२} (इ^{२√-१ उ} - इ^{-२√-१ उ})
  • \frac{प^३}{३} (इ^{३√-१ उ} - इ^{-३√-१ उ}) + ......... अथवा स = उ + प × \frac{इ^{उ√-१} - इ^{-उ√-१}}{√-१}
  • \frac{प^२}{२} × \frac{इ^{२उ√-१} - इ^{-२उ√-१}}{√-१}
  • \frac{प^३}{३} × \frac{इ^{३उ√-१} - इ^{-३उ√-१}}{√-१} + ...... परन्तु \frac{इ^{उ√-१} - इ^{-उ√-१}}{२√-१} = ज्या उ, \frac{इ^{२उ√-१} - इ^{-२ उ√-१}}{२√-१} = ज्या २ उ, इत्यादि इसलिये स = उ + प × २ज्याउ + \frac{प^२}{२} × २ ज्या २ उ
  • \frac{प^३}{३} × २ज्या३उ + ......... अथवा स = उ + २(पज्याउ + \frac{प^२}{२} ज्या २उ + \frac{प^३}{६} ज्या३उ
  • \frac{प^४}{४} ज्या४उ + .........(च)