भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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( २० ) योग तारों के ध्रुवक (Polar Longitude)

तारा | पंच सिद्धान्तिका | ब्राह्मस्फुट सिद्धान्त | शिष्यधीवृद्धि | वर्तमान सूर्य-सिद्धान्त | वर्तमान सूर्य सिद्धान्त के ध्रुवक कहाँ से लिये गये | अंश कला | अंश कला | अंश कला | अंश कला |

अश्विनी | ... | ८ ० | ८ ३ | ८ ३ | परम्पराप्राप्त भरणी | ... | २० ० | २० ० | २० ० | " कृत्तिका | ३२ ४० | ३७ २८ | ३६ ० | ३७ ३० | ब्रह्मगुप्त रोहिणी | ४८ ० | ४६ २८ | ४६ ० | ४६ ३० | " मृगशिरा | ... | ६२ ० | ६२ ० | ६२ ० | " आर्द्रा | ... | ६७ ० | ७० ० | ६७ २० | नया ? पुनर्वसु | ८८ ० | ९३ ३ | ९२ ० | ९३ ० | ब्रह्मगुप्त पुष्य | ९७ २० | १०६ ० | १०५ २० | १०६ ० | " अश्लेषा | १०७ ४० | १०८ ० | ११४ ० | १०६ ० | नूतन मघा | १२६ ० | १२६ ० | १२८ ० | १२६ ० | ब्रह्मगुप्त पू० फाल्गुनी | ... | १४७ ० | १३६ २० | १४४ ० | परम्पराप्राप्त उ० फाल्गुनी | ... | १५५ ० | १५४ ० | १५५ ० | ब्रह्मगुप्त