सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
DevanagariHindipublished838 पृष्ठ
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स्पष्टाधिकार १८५ प गा प ग = -------------------- कोज्या ∠ ग प गा आधुनिक ज्योतिर्विज्ञान के अनुसार ग्रहों के स्पष्ट स्थान जानने की जो रीति बतलायी गयी है वह दिग्दर्शन मात्र है । इस क्रिया से जो स्पष्ट स्थान जाना जाता है उसमें और प्रत्यक्ष बेध द्वारा जाने गये स्थानों में कुछ सूक्ष्म अंतर देख पड़ता है । इसका कारण यह है कि किसी ग्रह पर केवल सूर्य का ही आकर्षण नहीं होता वरन् अन्य ग्रह और उपग्रहों का भी होता है जिनके कारण वह उस स्थान से कुछ विचलित