सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
पृष्ठ 314, कुल 838 में से
संदर्भ में पढ़ेंत्रिप्रश्नाधिकार २६१ प्रोत वृत्त और यामोत्तर वृत्त के बीच में होता है, जाना जा सकता है। चित्र ५७ में ख ध र, ख ध स और ख ध रा कोण सूर्य के नत काल हैं जबकि सूर्य क्रम से र, स और रा बिन्दुओं पर रहता है। यह स्थान यामोत्तर वृत्त के पूर्व हैं इसलिए यह सूर्य के पूर्व नत काल हैं। जब ग्रह या तारा यामोत्तर वृत्त पर होता है तब उसका नत काल शून्य होता है। नत काल साधारणतः अंश में लिखा जाता है। यदि किसी तारे या ग्रह का पूर्व नत काल १५° हो तो समझना चाहिए कि वह १५ x ४ मिनट अथवा १ घंटे (नाक्षत्र) में यामोत्तर वृत्त पर आवेगा। उन्नत काल—दिनमान के आधे से नत काल घटाने पर जो आता है वह उन्नत काल कहलाता है। पूर्व उन्नत काल ग्रह या तारे के उदयकाल से इष्ट काल तक के समय को कहते हैं और पच्छिम उन्नत काल इष्ट काल से अस्त होने तक के समय को कहते हैं। पच्छिम उन्नत काल उस समय होता है जब ग्रह या तारा यामोत्तर वृत्त के पच्छिम होता है। उन्नत काल या इसके संक्षिप्त रूप उन्नत को उन्नतांश से भिन्न समझना चाहिए जैसे नत को नतांश से। ३४-३५ श्लोकों में यह बतलाया गया है कि यदि किसी ग्रह या तारे का नत काल, अक्षांश और क्रान्ति ज्ञात हो तो उसका उन्नतांश, नतांश इत्यादि कैसे जान सकते हैं। इसकी उपपत्ति गोलीय त्रिकोण-मिति के आधार पर यह है। (देखो चित्र ५७) मान लो सूर्य र पर है। गोलीय त्रिभुज ध ख र में कोज्या ∠ ख ध र कोज्या (ख र) – कोज्या (ध ख) x कोज्या (ध र) = ----------------------------------------- ज्या (ध ख) x ज्या (ध र) ˙ कोज्या (नत काल) कोज्या (नतांश) – कोज्या (लम्बांश) x कोज्या (ध्रुवांतर) = ---------------------------------------------------- ज्या (लम्बांश) x ज्या (ध्रुवांतर) कोज्या (नतांश) – ज्या (अक्षांश) x ज्या (क्रान्ति) = ----------------------------------------------- (१) कोज्या (अक्षांश) x कोज्या (क्रान्ति) कोज्या (नतांश) = ----------------------------------- कोज्या अक्षांश x कोज्या क्रान्ति ज्या (अक्षांश) ज्या (क्रान्ति) – --------------- x ------------------ कोज्या (अक्षांश) कोज्या क्रान्ति) कोज्या (नतांश) = ---------------------------------- स्परे (अक्षांश) कोज्या (अक्षांश) x कोज्या (क्रान्ति) x स्परे (क्रान्ति) (२)