भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

पृष्ठ 343, कुल 838 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 343

३२० | सूर्य-सिद्धांत


निरयन राशियांआदि बिंदु की कान्तिप्रयाग में आदि बिंदु का चरांशप्रयाग में चर खंडआदि बिंदु का विषुवांशलंका में उद-यांशप्रयाग में उद-यांशप्रयाग में उद-यकाल (नाक्षत)प्रयाग में मेष के आदि से राशि के उदय का समय
अंशकलाअंशकलाकलाअंशकलाअंशकलाअंशकलाघड़ीपलघड़ीपल
मेष+ ८४६- ४१४- ४ ५३२०५६२६१८२१२५३४३४
वृष+ १८२७- ६- २ ४०५०१७३१४३२९५१२५
मिथुन+ २३१५.३- ११४७+ ० ५८९०३२२०३३१८३३१३५८
कर्क+ २१३२.७- १०४६+ २ २१२१३०३०३३३२३५२६१९२४
सिंह+ १३५८- ६४७+ ५ २४१५५२८१४३३३८३६२५
कन्या+ २५४- २२३+ ५ ३७१८३१७२७४२३३१९३२३०३२
तुला- ८४६+ ४१४+ ४ ५३२००५६२६१८३११११२३५४४
वृश्चिक- १८२७+ ६+ २ ४०२३०१७३१४३३४२३४४४१२८
धनु- २३१५.३+ ११४७- ० ५८२७०३२२०३१२२१५४६४३
मकर- २१३२.७+ १०४६- २ २२९८३०३०३३२८३१४५५१२८
कुम्भ- १३५८+ ६४७- ५ २४३२५२८१४२२५०४८५५१६
मीन- २५४+ २२३- ५ ३७३५३१७२७४२२२४१६०००
मेष+ ८४६- ४१४३६०५६