सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
DevanagariHindipublished838 पृष्ठ
पृष्ठ 374, कुल 838 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 374
त्रिप्रश्नाधिकार ३५१ हो जाता है। इसलिए ६० वर्षों तक समीकरण के मान वही समझे जाँय जो सारिणी या चित्र ६४ से विदित होते हैं तो बहुत भूल नहीं पड़ेगी।
| भा | र | रा | कालसमीकरण | निरयन सौरमास | अंग्रेजी तारीख |
|---|---|---|---|---|---|
| अंश | पल | ला पल | पल | ||
| ० | + १८.८ | ० | + १८.८ | ६ मीन | २३ मार्च |
| ३० | + १८.२ | - २१.४ | - ३ २ | ६ मेष | २२ अप्रैल |
| ६० | + १२.४ | - २१.४ | - ६ | ६ वृष | २३ मई |
| ९० | + ३.६ | ० | + ३.६ | ८ मिथुन | २२ जून |
| १२० | - ६ | + २१.४ | + १५.४ | ७ कर्क | २३ जुलाई |
| १५० | - १४ ४ | + २१.४ | + ७ | ६ सिंह | २२ अगस्त |
| १८० | - १८.८ | ० | - १८.८ | ६ कन्या | २२ सितम्बर |
| २१० | - १८.२ | - २१.४ | - ३६.६ | ५ तु | २२ अक्टूबर |
| २४० | - १२.४ | - २१.४ | - ३३.८ | ५ वृश्चिक | २१ नवम्बर |
| २७० | - ३.६ | ० | - ३.६ | ७ धनु | २२ दिसम्बर |
| ३०० | + ६.१ | + २१ ४ | + २७.५ | ८ मकर | २१ जनवरी |
| ३३० | + १४.४ | + २१.४ | + ३५.८ | ८ कुम्भ | २० फरवरी |
| ३६० | + १८.८ | ० | + १८.८ | ६ मीन | २३ मार्च |
अब वक्र खींचने की रीति संक्षेप में समझायी जाती है (देखो चित्र ६४) । सूर्य के मध्यम सायन भोगांश भा को भुज (abscissa) और र, रा को कोटि (ordinate) माना गया है। भा की जगह ३०, ६०, ६० इत्यादि रखने से र, रा के जो मान आये हैं वह बिन्दुओं में प्रकट करके सब को मिला दिया गया है ।