भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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पृष्ठ 423

४०० सूर्य-सिद्धान्त ज्या च ध ज्या च ख ज्या चा ख या ज्या चा ध ज्या च ख = ---------------------------------------- ज्या चा ध ख कोज्या क ज्या घ ज्या ना या कोज्या का ज्या न = ----------------------------------- (ख) ज्या धा समीकरण (क) के बायें पक्ष का समीकरण (ख) के बायें पक्ष से और उसके दाहिने पक्ष को इसके दाहिने पक्ष से भाग देने पर ज्या क - ज्या लि ज्या आ स्परे का = --------------------------------- × ज्या धा ज्या घ कोज्या के ज्या क - ज्या लि ज्या आ ज्या धा == -------------------------------- × ---------- कोज्या क ज्या ध ⎛ ज्या क ज्या लि ज्या आ ⎞ ज्या धा = ⎜----------- - --------------------- ⎟ × ---------- ⎝कोज्या क कोज्या क ⎠ ज्या ध ⎛ ज्या लि ज्या आ⎞ ज्या धा == स्परे क ⎜ १ - -------------------⎟ --------- (१) ⎝ ज्या क ⎠ ज्या ध यदि यथार्थ क्रान्ति, नतकाल और स्पष्ट नतकाल ज्ञात हो तो इस सूत्र से स्पष्ट क्रान्ति जानी जा सकती है । फिर स्पष्ट क्रान्ति से यथार्थ क्रान्ति घटाने पर क्रान्ति लम्बन जाना जा सकता है । यदि क्रान्ति लम्बन का मान सीधे ही जानना हो तो सूत्र (१) को दूसरे रूप में लिखना होगा जो इस प्रकार सिद्ध होता है :- सूत्र (१) से सिद्ध है कि स्परे का ज्या ध ⎛ ज्या लि ज्या आ⎞ ------------------- = स्परे क ⎜ १- -------------------⎟ ज्या धा ⎝ ज्या क ⎠ ज्या लि ज्या आ == स्परे क - -------------------- कोज्या क स्परे का ज्या ध ज्या लि ज्या आ ∵ स्परे क - ------------------- = -------------------- ज्या धा कोज्या क स्परे का ज्या ध अथवा स्परे क - स्परे का × स्परे का - ------------------- ज्या धा ज्या लि ज्या आ = -------------------- कोज्या क ज्या क ज्या का परन्तु स्परे क - स्परे का = ----------- - ----------- कोज्या क कोज्या का ज्या क कोज्या का - कोज्या क ज्या का = ------------------------------------------------ कोज्या क कोज्या का