सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंत्रिप्रश्नाधिकार ३६६ मान लो कि चन्द्रमा का क्रान्ति लंबन लु है । गोलीय त्रिभुज च ध ख और चा ध ख में, कोज्या च ध — कोज्या च ख कोज्या ध ख कोज्या च ख ध = -------------------------------------------- ज्या च ख ज्या ध ख कोज्या चा ध — कोज्या चा ख कोज्या ध ख कोज्या चा ख ध = ----------------------------------------------- ज्या चा ख ज्या ध ख परन्तु च ख ध और चा ख ध कोण एक ही हैं और च ध = चंद्रमा का यथार्थ ध्रुवान्तर = ६०° — क चा ध = ,, स्पष्ट ,, = ६०° — क ∵ कोज्या च ध = कोज्या (६०° — क) = ज्या क और कोज्या चा ध = ज्या का ज्या क — कोज्या न ✕ ज्या आ ज्या का — कोज्या ना ✕ ज्या आ ∵ ---------------------------------- = ---------------------------------------- ज्या न ज्या ना अर्थात् ज्या क ज्या ना — ज्या आ ज्या ना कोज्या न = ज्या का ज्या न — ज्या आ ज्या न कोज्या ना या ज्या क ज्या ना — ज्या आ (ज्या ना कोज्या न — कोज्या ना ज्या न) = ज्या का ज्या न ∵ ज्या क ज्या ना — ज्या आ ज्या (ना — न) = ज्या का ज्या न परन्तु ना — न चंद्रमा का नतांश लम्बन है इसलिए ज्या (ना — न) = ज्या ला = ज्या लि ज्या ना (देखो पृष्ठ ३८५) यहाँ लि क्षितिज लम्बन माना गया है । ∵ ज्या क ज्या ना — ज्या आ ज्या लि ज्या ना = ज्या का ज्या न या ज्या का ज्या न = ज्या ना (ज्या क — ज्या लि ज्या आ) (क) इस समीकरण से ज्या ना और हटाने के लिए गोलीय त्रिभुज च ध ख और चा ध ख से इस प्रकार काम लेना होगा— ज्या च ख ध ज्या च ध ख ---------------- = ---------------- ज्या च ध ज्या च ख ज्या चा ख ध ज्या चा ध ख और ----------------- = ------------------- ज्या चा ध ज्या चा ध परन्तु च ख ध और चा ख ध एक ही हैं, इसलिए ज्या च ध ज्या च ध ख ज्या चा ध ज्या चा ध ख -------------------------- = ----------------------------- ज्या च ख ज्या चा ख