भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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सूर्यग्रहणाधिकार ५३५ ∵ विश्लेषांश = २८°५२′ दृग्गति = त्रिभोन लग्न की नतांश कोटिज्या = कोज्या ४१°४३′ ∴ छेद = १ / ४ दृग्गति = १ / ४ कोज्या ४१°४३′ ∵ सूर्य का लंबन = ज्या विश्लेषांश / छेद = ४ कोज्या ४१°४३′ ज्या २८°५२′ = ४ × .७४६४ × .४८२८ घड़ी = १.४४२ घड़ी = १ घड़ी २६.५ पल सूर्योदय से अमावस्यान्त का समय = १४ घड़ी ४५ पल सूर्य का लंबन = १ घड़ी २६.५ पल ∵ द्वितीय लंबन-संस्कृत-अमावस्यान्त-काल = १६ घड़ी ११.५ पल इस समय का त्रिभोन लग्न जानकर फिर लंबन जानना चाहिये:— १६ घड़ी ११.५ पल (सावन) = १६ घड़ी १४.२ पल (नाक्षत्र) सूर्योदय का विषुवकाल = ५० घड़ी ५५.७ पल ∴ द्वितीय लंबन-संस्कृत-अमान्त-काल का विषुवकाल = ७ घड़ी ६.६ पल = ४३° के लगभग ∴ लरिस्परे १/२ (व का +का पू) = लरिकोज्या ४५°५६′.५ + लरिस्परे २१°३०′ − लरिकोज्या ६६°२३′.५ = ६.८४२२ + ६.५६५४ − ६.५४६४ = ६.८६१२ ∴ (व का +का पू) / २ = ३७°५४′ ∴ व का +का पू = ७५°४८′ लरि स्परे १/२ ( व का − का पू ) = लरि ज्या ४५°५६′.५ + लरि स्परे २१°३०′ − लरि ज्या ६६°२३′.५ = ६.८५६५ + ६.५६५४ − ६.६७१३ = ६.७५०६