सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५३६ सूर्य-सिद्धान्त व का - का पू ∴ ---------------- = १६°४६'·५ २ ∴ व का - का पू = ३३°३६' ∴ व का = ५४°४३'·५ और का पू = २१°४'·५ ∴ सूर्योदय से १६ घड़ी ११·५ पल पर उदय लग्न ५४°४३'·५ और अग्रा २१°४'·५ ∴ इस समय त्रिभोन लग्न = ५४°४३'·५ - ६०° = ३२४°४३'·५ और इस समय विषुवकाल = ४३° ∴ च व = ६०° - ४३° = ४७° स्परे ४७° ∴ स्परे व म = --------------- कोज्या २३°२७' ∴ लरि स्परे व म = लरि स्परे ४७° - लरि कोज्या २३°२७' = १०.०३०३ - ९.९६२५ = १०.०६७८ ∴ व म = ४६°२७' ∴ सायन मध्यलग्न = ३६०° - ४६°२७' = ३१०°३३' ∴ मध्यलग्न की क्रान्ति ज्या = ज्या ३१०°३३' × ज्या २३°२७' = - ज्या ४६°२७' × ज्या २३°२७' लरि क्रान्तिज्या = ९.८५०७ + ९.५६६६ = ९.४२०६ ∴ क्रान्ति = १७°३६' दक्षिण काशी का अक्षांश = २५°२०' मध्यलग्न का नतांश = ४२°५६' मध्य लग्न और त्रिभोन लग्न का अन्तर = ३२४°४३'·५ - ३१०°३३' = १४°१०'·५ कोज्या ४२°५६' ∴ त्रिभोन लग्न की नतांश कोटि ज्या = ----------------- कोज्या १४°१०'·५ ∴ लरि नतांश कोटिज्या = लरि कोज्या ४२°५६' - लरि कोज्या १४°१०'·५ = ९.८६४६ - ९.९८६५ = ९.८७८१ ∴ त्रिभोन लग्न का नतांश = ४०°५७' सूर्य की १ घड़ी की गति = १'·०२३ सूर्य की २० पल की गति = ·३४१