भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

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शृङ्गोन्नत्यधिकार ६८३ जो छाया पड़ेगी वह बिल्कुल गोल न होगी वरन् दीर्घवृत्त के आकार की होगी। पहली दशा में छाया के दीर्घवृत्त का दीर्घ अक्ष सम दिशा (horizontal) में होगा और दूसरी दशा में ऊर्ध्वाधर (vertical) । इसी प्रकार चन्द्रबिम्ब के शुक्ल भाग की भीतरी सीमा दीर्घवृत्तार्ध होती है जिसका दीर्घ अक्ष चन्द्रबिम्ब के व्यास के चित्र ११६ चित्र ११६ Hugh Godfray M. A. की A Treatise on Astronomy से लिया गया है।