भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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मध्यमाधिकार ४६ जब यह जानना हो कि किसी इष्ट समय में कौन संवत्सर चल रहा है तब सबसे पहले ५३वें श्लोक के अनुसार यह जानना चाहिये कि उस समय वृहस्पति का मध्यम स्थान क्या है । सृष्टि के आदि से अहर्गण निकाल कर मध्यम ग्रह जानने की क्रिया बहुत कठिन है, इसलिए यदि कलियुग के आदि से अहर्गण साधा जाय तो अधिक सुभीता होगा; क्योंकि इस समय से भी विजय सम्वत्सर का आरंभ हुआ है । जो लोग दशमलव भिन्न की रीति जानते हों उनको अहर्गण की जगह सौर वर्षों से काम लेने में और भी सुभीता होगा । इस प्रकार मेष-संक्रान्ति के समय वृहस्पति का जो मध्यम स्थान होगा वह निकल आवेगा । जैसे मान लीजिये कि यह जानना है कि सम्वत् १६८१ विक्रमीय मेष संक्रान्ति के समय कौन सम्वत्सर वर्तमान होगा और वह कितने दिन तक रहेगा ? कलियुग के आरंभ से १६८१ वि० की मेष संक्रान्ति तक ५०२५ सौर वर्ष बीत चुकेंगे । उस समय तक वृहस्पति कितने भगण पूरा करके किस राशि पर रहेगा, यह जान लेने से सम्वत्सर का पता चल जायगा । एक महायुग अर्थात् ४३,२०,००० सौर वर्षों में वृहस्पति के ३,६४,२२० भगण होते हैं; इसलिए ५०२५ सौर वर्षों में ३,६४,२२० × ५०२५ = --------------------- भगण ४३,२०,००० ३,६४,२२० × ५०२५ = --------------------- × १२ संवत्सर ४३,२०,००० = ५०८३.६०४१६६६६ संवत्सर होते हैं । जिसका अर्थ यह हुआ कि १६८१ वि० की मेष संक्रान्ति के समय ५०८४वां सम्वत्सर चल रहा है, उसका .६०४१६६६६ भाग बीत गया है और, .३९५८३३३४ भाग रह गया है । ६० संवत्सरों का एक चक्र होता है इसलिए ५०८४ को ६० से भाग देने पर ८४ लब्धि आती है और ४४ शेष होता है जिसका अर्थ यह हुआ कि कलियुग से ६० सम्वत्सरों का चक्र ८४ बार हो चुका है ८५वें चक्र का ४४वां सम्वत्सर धाता चल रहा है और मेष संक्रान्ति के समय उसका .३९५८३३... भाग बीतने को शेष है । यदि यह जानना हो कि धाता सम्वत्सर १६८१ विक्रमीय में कितने दिन तक रहेगा तो इस शेष को एक सम्वत्सर के सावन दिनों से अर्थात् ३६१.०२६७२ से गुणा कर देना चाहिये । ऐसा करने से गुणनफल १४२.५६८४ सावन दिन आता है, इसलिए १६८१ को मध्यम मेष संक्रान्ति के समय से १४२.५६८४ सावन दिन बीतने ४