सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
DevanagariHindipublished838 पृष्ठ
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भूगोलाध्याय ७६३
| प्रयोग का स्थान | अक्षांश (अंश / कला) | १ घंटे में स्पन्दन तल की दिशा में परिवर्तन प्रयोग से (अंश) | १ घंटे में स्पन्दन तल की दिशा में परिवर्तन गणना से (अंश) | प्रयोगकर्ता का नाम |
|---|---|---|---|---|
| सीलोन | ६ | ५६ | १.८७० अंश | १.८१५ अंश |
| न्यूयार्क | ४० | ४४ | ६.७३३ | ६.८१४ |
| Provinces R. I. | ४० | ४६.५ | ६.६५५ | ६.८३३ |
| न्यूहेवन | ४१ | १८.५ | ६.६७० | ६.६२७ |
| जेनेवा | ४६ | १२ | १०.५२२ | १०.८५६ |
| पेरिस | ४८ | ५० | ११.५०० | ११.३२३ |
| ब्रिस्टल | ५१ | २७ | ११.७८८ | ११.७६३ |
| डबलिन | ५३ | २० | ११.६१५ | १२.०६५ |
| एवरडीन | ५७ | ६ | १२.७०० | १२.६२८ |