सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंमध्यमाधिकार ७५ दिखलाये गये हैं। जिस समय चन्द्रमा अपने पात पर रहता है उस समय यह क्रान्ति वृत्त पर देख पड़ता है, अन्य समय यह क्रान्ति वृत्त से उत्तर या दक्षिण कुछ हटा हुआ देख पड़ता है। किस समय कितना हटा रहता है यह गणित से सहज ही जाना जा सकता है। जिस समय चंद्रमा पात से ६०° आगे या पीछे रहता है उस समय क्रान्ति वृत्त से परम अंतर पर होता है। चित्र ४ में यह परम अंतर चासा या चस से सूचित होता है। इसी को चंद्रमा का परम विक्षेप कहते हैं। इसी तरह अन्य ग्रह भी क्रान्ति वृत्त से उत्तर या दक्षिण हट जाते हैं जिनके मध्यम विक्षेप ६६-७० श्लोकों में दिये हुए हैं। ग्रहों के विक्षेप और पातों में बहुत घना सम्बन्ध है इसीलिए हमारे प्राचीन आचार्यों का विचार था कि पात ही ग्रहों को उत्तर या दक्षिण ढकेल देते हैं। ग्रहों के परम विक्षेप सब आचार्यों के मत से एक से नहीं हैं। आजकल सूक्ष्म यंत्रों के द्वारा जो जानकारी हुई है वह हमारे किसी ग्रन्थ के मानों से नहीं मिलती। तुलना के लिए परम विक्षेपों की तालिका नीचे दी जाती है:—
| सूर्य सिद्धान्त | १ब्राह्म-स्फुट सिद्धान्त, २सिद्धान्त शिरोमणि | ३महा सिद्धान्त | ४सिद्धान्त दर्पण | ५टालमी | ६आधुनिक |
|---|---|---|---|---|---|
| चंद्र ४°३०' | ४°३०' | ४°३०' | ५°६'०" | ५°०' | ५°८'४२" |
| मंगल १°३०' | १°५०' | १°४६' | १°५१'०" | १°०' | १°५१'१" |
| बुध २°०' | २°३२' | २°१८' | २°४४'०" | ७°०' | ७°०'१०" |
| गुरु १°०' | १°१६' | १°१४' | १°१८'०" | १°३०' | १°१८'४२" |
| शुक्र २°०' | २°१६' | २°१०' | २°१८'०" | ३°३०' | ३°२३'३७" |
| शनि २°०' | २°१०' | २°१०' | २°२६'०" | २°३०' | २°२६'३६" |
१. ब्राह्म-स्फुट सिद्धान्त पृष्ठ ७३, ११२ । २. सिद्धान्त शिरोमणि गणिताध्याय पृष्ठ १७५, २१२ । ३. महासिद्धान्त स्पष्टाधिकार श्लोक ३६, ४. सिद्धान्त दर्पण पृष्ठ ३१, श्लोक ३२-३३, योगेश चन्द्रराय द्वारा सम्पादित और कलकत्ते से १८६६ ई० में प्रकाशित । ५. भारतीय ज्योतिष शास्त्र पृष्ठ ३२४ ६. Sir Robert Ball's Spherical Astronomy. pp 491.