भारतकोश
स्वरोदय विज्ञान

स्वरोदय विज्ञान

Swarodaya Vigyan

श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा

स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)

Devanagarihipublished94 पृष्ठ

पृष्ठ 26, कुल 94 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 26

(स्वरोदय विज्ञान)

(६)

सुषुम्णा स्वर के नक्षत्र ये हैं :- मृगशिर, आर्द्रा, पुनर्वसु और पुष्य।

उत्तर-पश्चिम-तालिका

नाम स्वरपिंगलाइडासुषुम्णा
प्रसिद्ध नामसूर्यचन्द्रदोनों
स्वभावचरस्थिरद्वि स्वभाव
प्रभावगर्मशीतलद्वि स्वभाव
देवताशिवब्रह्माविष्णु
पक्षकृष्णशुक्ल
दिनशनि रवि मंगलबु, वृ, शु, सोम
दिशापूर्व-उत्तरदक्षिण, पश्चिम
तत्वअग्नि वायुजल, पृथ्वी, आकाश
शरीर के अनुसार
दिशानीचे, पीछे, दाहिनेऊपर, बायें, सामने
मेष कर्कवृष, सिंहमिथुन, कन्या
लग्नतुला मकरवृश्चिक कुम्भमीन, धनु
उ.फा, हस्त चित्रामृगशिरा
नक्षत्रउत्तराषाढ़ अभिजित्स्वाती, विशाखाआर्द्रा
श्रवण, घनिष्ठाज्येष्ठा, मूल,पुनर्वसु, पुष्य
शतभिषा पूर्वाभाद्रपदपूर्वाषाढ़, अनुराधा
संख्या१,३,५,७,८,९,११,
इत्यादि२,४,६,८,१०,१२
इत्यादि