भारतकोश
स्वरोदय विज्ञान

स्वरोदय विज्ञान

Swarodaya Vigyan

श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा

स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)

Devanagarihipublished94 पृष्ठ

पृष्ठ 74, कुल 94 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 74

दय विज्ञान युग्रह -विधि

(स्वरोदय विज्ञान)

(७३)

महाकाल जानौ सो जोगी बखानौ । तहाँ आदि स्वासा सुनौ जानियै जू । भली भाँति ताकौ हियै राखियै जू ।

अथ काल ज्ञान

सरै सूर्य नाड़ी दिनौ राति जानौ । न आवै ससी कबहू जो सु मानौ । रही आयु थोरी जियै वर्ष थौरौ । सुजोगी बखानै करै काल जोरौ । रही आयु ताकी सु तीनी अब्द जानौ । महादेव भाषी सु यों सांचु मानौ । जो पै दौस दो लौ सरै सूर्य नाड़ी । रही आयु द्वै वर्ष ताकी विचारी । सरै तीनि लौ तौ जियै वर्ष एकै । भजै रामनामै सुजानै विवेकै । दिवस पांच लौ जो सरे सूर्य नाड़ी । कहौ आयु ताकी सु मासै विचारी । सरै पिगिला पक्षनौ जानियै जू । त्रमासै अबदी तहाँ मानियै जू । सरै मास लौ आयु षट् मास जानौ । कहै काल ज्ञानी सु यों सांचु मानौ । निसा कौ ससी के प्रवाहै जु जानौ । सरै सूर्यनाड़ी जबै द्वौ समानौ । सबै मास ऐसौ निरंतर बहै जू । तीसै मास एकै अबदी कहे जू । सुनौ विष्णु पद भोह दोऊ कहावै धटै आयु जाकी न तौ दृष्टि आवै ।

स्वरोदय विज्ञान · पृष्ठ 74, कुल 94 में से · BharatKosha