स्वरोदय विज्ञान
Swarodaya Vigyan
श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा
स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)
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(स्वरोदय विज्ञान)
दोऊ हाथ नीचें तवैं छाडि देईं । कहुं ये क चिंता न तौ चित लेईं । करै दृष्टि ऊंची सु भू को निहारै । तहौ छाँह अपनी बड़ी सो विचारै । सबै विंब पेखे बड़ी आयु जानौं । द्रगनि होन तौ पांच मासै बखानौं । बिना कान तौ जानियै तीनि मासै । कछू औरहू भेद ज्ञानी प्रकासै । हिये में परै दृष्टि तौ छिद्र जानौं । तहां तीनि वर्ष सुनौं मित्र मानौं । बिना नैन पेखे जु दौं वर्ष जानौं । चरण जो न पेखे सु येकै बखानौं । सबै सुद्ध विंब लिखे जो सु ज्ञानी । रही ताहि नव वर्ष लौं मृत्यु मानी । न देखे जु विंब षटै मास वाकी । लखौं दौतिही घोस है मृत्यु ताकी । करै या जतन मित्र यौं जुक्ति जानौं । सिवा में बखानी सबै साँचु मानौं ।
इति काल-ज्ञान
अथ काल कौ उपाइ
जु पै लोइ ज्ञानी लखे कालु आयौं । उपायै करै जू सु योगी बतायौं । तजै ग्रह कौं जू तबै होइ त्यागी । सबै रोग मैटै सु है बीतरागी । करै पूरकौ पिंगला में तहां लौं ।