स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)
Swadeshi Utpad Vidhi (Bhag 3)
रोबिन बसराना / राजीव दीक्षित द्वारा
स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 3 (Best Out of Waste) · Swadeshi Robin Basrana · 2017 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें- • कम्पोस्ट पिट्स (Compost Pits)
गोबर से बिजली बनाने की विधि
सबसे पहले बायोगैस प्लांट में गोमूत्र, गोबर और पानी को इनलेट टैंक में मिलाया जाता है। यह मिश्रित तैयार होने के बाद फीड स्टॉक डाइजेस्टर वेसल में जाता है। इसी डाइजेस्टर में मीथेन गैस द्वारा उत्पन्न गुब्बंद में जमा कर लिया जाता है और फिर इसी गुब्बंद में लगे पाइप के माध्यम से गैस (Gobar gas) की निकासी करके उसको इस्तेमाल करने लायक बनाया जाता है। अब डाइजेस्टर में बचा हुआ घोल मैनहोल से आउटलेट चैंबर में जमा हो जाता है और अधिक बहाव के चलते कम्पोस्ट पिट्स में पहुंच जाता है। जिसको आप निकाल कर खेतों में खाद के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्लांट बनाने के लिए उपयोगी सामग्री
| Material | Unit | 4 m3 | 6 m3 | 8 m3 | 10 m3 | 15 m3 | 20 m3 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Bricks | Pieces | 1200 | 1400 | 1700 | 2000 | 2400 | 2800 |
| Sand | Bag | 60 | 70 | 80 | 90 | 110 | 120 |
| Gravel | Bag | 30 | 35 | 40 | 50 | 60 | 70 |
| Cement | Bag | 11 | 13 | 16 | 19 | 27 | 34 |
| Rod | Meter | 50 | 60 | 70 | 70 | 90 | 100 |
किसी भी प्लांट की कालिटी मजबूत करने के लिए उसकी सामग्री अहम भूमिका निभाती है। इसलिए बायोगैस (Gobar gas) के निर्माण के समय आप उसकी सामग्री की कालिटी का खास ध्यान रखें। इसके लिए आप उत्तम कालिटी से बनी ईंटें, सीमेंट, मिट्टी, सरिये आदि का इस्तेमाल करें।