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स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)

स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)

Swadeshi Utpad Vidhi (Bhag 3)

रोबिन बसराना / राजीव दीक्षित द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 3 (Best Out of Waste) · Swadeshi Robin Basrana · 2017 (उद्गम)

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  1. 1. बायोगैस (Gobar gas) एक ऐसी ऊर्जा देता है जो कि किसी प्रकार का कोई प्रदूषण नहीं फैलाती। इसके इलावा यह ऊर्जा का renewable स्रोत है.
  2. 2. घर में इस्तेमाल की जाने वाली LPG गैस, कोयला और लकड़ी आदि बच्चों और महिलाओं के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती हैं परंतु बायोगैस से किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है.
  3. 3. बायोगैस (Gobar gas) के इस्तेमाल से हमारा वातावरण स्वस्थ रहता है और हमें लंबा जीवन दान देता है.

रसोई के कचरे से खाद कैसे बनायें?

आज के दिन में रसोई के कचरे से खाद (compost) बनाना भी एक बहुत ही बेहतरीन तरीका है। इससे एक तो कचरा को इधर-उधर फैंक कर गंदगी नहीं फैलता है दूसरा तो इससे आपके पेड़ पौधों के लिए प्राकृतिक खाद मिलता है जो बिलकुल भी शरीर के लिए हानिकर नहीं होता हो।

भारत में प्रतिदिन शहरी क्षेत्रों में एक व्यक्ति 700-800 ग्राम ठोस कचरा फैंक देता है यानि की एक साल में लगभग 250-300 किलो। अगर आपके घर में 5 सदस्य रहते हैं तो सोचिये आपका परिवार एक वर्ष में लगभग 1500 किलो ठोस कचरा फैंक देते हैं। क्या आप जानते हैं आप घरपर ही उस कचरे से प्राकृतिक खाद बना सकते हैं।

खाद बनाना – समिश्रण – कम्पोस्टिंग क्या है? What is Composting?

कम्पोस्टिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आर्गेनिक या कार्बनिक पदार्थ या खाद्य कूड़े को पानी, वायु की मदद से सूक्ष्मजीव खाद के रूप में परिवर्तित कर देते हैं। यह खाद घर में या खेतों में उगाने वाले पौधों के लिए ही अच्छा होता है और क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ नहीं होता है यह हमारे मिटटी के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।