स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)
Swadeshi Utpad Vidhi (Bhag 3)
रोबिन बसराना / राजीव दीक्षित द्वारा
स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 3 (Best Out of Waste) · Swadeshi Robin Basrana · 2017 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें3. एक बड़ा सा मिटटी का मटका या एक बाल्टी(Compost Bin) ले लीजिये। आप चाहें तो घर के पीछे एक छोटा गड्ढा भी खोद सकते हैं जिसे Compost Pit कहा जाता है। उसके बाद कम्पोस्ट बिन के चरों भाग में 4-5 छेद कर दें जिससे की उसमें रखने वाले कूड़े में हवा लग सके।
5. उस पात्र(Compost Bin) के नीचले भाग में थोड़ा सा मिटटी बिछा दें। उसके बाद गीले कचरे और सूखे कचरे को एक के ऊपर एक थोड़े-थोड़े परतों में उस पात्र में डालते जाऐं।
6. जब वह पात्र दोनों प्रकार सूखे और गीले कचरे के परतों से भर जाये तो उसे एक प्लास्टिक या लकड़ी के फट्टे से ढक दें। ढकने से पात्र के अंदर नमी या गीलापन बना रहता है।
7. कुछ-कुछ दिनों में देखते रहें। अगर पात्र के अन्दर मिश्रण ज्यादा सुखा हुआ है हांथों से हल्का-हल्का पानी का छिड़काव करें और दोबारा प्लास्टिक को ढक दें।
8. 2-3 महीने के बाद सुखा खाद बन्ना अपने आप शुरू हो जायेगा। जो दिखने में गाढ़ा भूरा और काला सा होता है और मिटटी की खुशबु उसमें होती है।
कम्पोस्ट बनाने के लिए कूड़ेदान में क्या ना डालें? What not to Add in Compost Mixture?
- 1. बदबूदार एक-दो दिन पुराना खाना का कचरा
- 2. मांस और हड्डियां
- 3. जानवरों का मल
- 4. रसायन पदार्थ
- 5. बैटरी
- 6. बीमार लगे पौधे
- 7. दवाईयां
- 8. प्लास्टिक बैग या पॉलिथीन