भारतकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

DevanagariHindipublished177 पृष्ठ

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अध्याय - ५ सोऽनन्तसमयः ॥४०॥ [ सः ] वह काल द्रव्य [ अनन्त समयः ] अनन्त समय वाला है। काल की पर्याय यह समय है। यद्यपि वर्तमानकाल एक समयमात्र ही है तथापि भूत-भविष्य की अपेक्षा से उसके अनन्त समय हैं। It (conventional time) consists of infinite instants. द्रव्याश्रया निर्गुणा गुणाः ॥४१॥ [ द्रव्याश्रया ] जो द्रव्य के आश्रय से हों और [ निर्गुणा ] स्वयं दूसरे गुणों से रहित हों [ गुणाः ] वे गुण हैं। Those, which have substance as their substratum and which are not themselves the substratum of other attributes, are qualities. तद्भावः परिणामः ॥४२॥ [ तद्भावः ] जो द्रव्य का स्वभाव (निजभाव, निजतत्त्व) है [ परिणामः ] सो परिणाम है। The condition (change) of a substance is a mode. ॥ इति तत्त्वार्थाधिगमे मोक्षशास्त्रे पञ्चमोऽध्यायः ॥ ✱ ✱ ✱ 79