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वैदिक गणित: १६ सूत्र

Vaidik Ganit: 16 Sutra

जगद्गुरु स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Vaidik Ganit 16 Sutras Compilation · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished57 पृष्ठ

इसलिए वर्गमूल या तो 143 होगा या 147

चूंकि: संख्या 1402 के ज्यादा पास है तो संख्या 143 वर्गमूल होगा।

\sqrt{20449} = 143 \text{ उत्तर}

दूसरा तरीका

39^2

3 को a मान लो और 9 को b मान लो

अब सूत्र लगाये

a^2 / 2ab / b^2

9 / 54 / 81

1521 \text{ उत्तर}

घनमूल निकालें –

46

\sqrt[3]{658503}

अखिरी 3 संख्याओं को अलग कर लें। जैसे

6 5 8 / 5 0 3 ➡ अंतिम हिस्सा

503 का अंतिम अंक = 3 हैं।

तो अब देखो की 3 किस संख्या के घन में आता है।

7^3 = 343 (7 के घन में इकाई का अंक 3 है, इसलिए उपरोक्त संख्या के घनमूल के इकाई का अंक 7 होगा।)

अब 658 को देखो..

658 संख्या 8^3 = 512 व 9^3 = 729 के बीच की संख्या है।

8 व 9 के घन के बीच में है 658

अब हम कम वाली संख्या लेंगे, और साथ में इकाई का अंक लिखेंगे।

\sqrt[3]{658503} = 87

उत्तर


\sqrt[3]{3112136}

अखिरी 3 संख्याओं को अलग कर लें।

47

3112 / 136

136 में अंतिम अंक 6 हैं।

6 किस संख्या के घन में आता हैं ये देखे

6^3 = 216 (घनमूल के इकाई का अंक 6 होगा।)

3112 पूर्ण घन संख्या 14^3 = 2744 व 15^3 = 3375 के मध्य हैं।

अतः कम वाली संख्या ले (14) और इकाई के अंक के साथ लिख दे।

146 उत्तर

\sqrt[3]{3112136} = 146 उत्तर

दूसरा तरीका

3. 19^3

1 को a मान लो और 9 को b

48

अब सूत्र लगाये

a^3 / 3a^2b / 3ab^2 / b^3

1^3 / 3 * 9 * 1^2 / 3 * 1 * 9^2 / 9^3

1 / 3 * 9 / 3 * 81 / 729

1 / 27 / 243 / 729

अब इन्हें इस तरह जोड़े

1

27

243

+ 729

6859

49

गुणा करने की विधि

  • • 5 से गुणा –

संख्या का आधा करे व 10 से गुणा करे –

क्योंकि 5, 10 की \frac{1}{2} हैं।

जैसे – 18 \times 5

18/2 \times 10 = 90

  • • 25 से गुणा –

236 \times 25

संख्या को 4 से भाग दे, 100 से गुणा करे

क्योंकि 25, 100 की \frac{1}{4} हैं।

236/4 \times 100 = 5900

  • • 125 से गुणा –

64 \times 125

संख्या को 8 से भाग करे व 1000 से गुणा करे

क्योंकि 125, 1000 की \frac{1}{8} हैं।

50

10 से लेकर 20 तक की संख्याओं से गुणा –

जैसे 4267 * 17

4 2 6 7 * 1 7

17 का 1 भूल जाओ

7 से गुणा करे –

अगले अंक में गुणा करके पिछले अंक में जोड़ दो।

\begin{array}{r} \overset{2}{\overset{+}{4}} \overset{5}{\overset{+}{2}} \overset{4}{\overset{+}{6}} \overset{7}{\overset{+}{7}} \\ \times \quad 7 \\ \hline 7 \quad 2 \quad 5 \quad 3 \quad 9 \end{array}

7 * 7 = 49

4 \text{ हासिल, अब } 7 * 6 = 42

42 में पिछली संख्या जोड़ दो साथ में हासिल भी

42 + 7 + 4 = 53

फिर 2 में गुणा करे, 7 * 2 = 14

14 में हासिल 5 जोड़े, फिर पिछली संख्या 6 जोड़े

14 + 5 + 6 = 25

अब 25 का 5 लिखे, 2 हासिल ले, अब 7 की गुणा 4 में करे,

7 * 4 = 28, 28 में हासिल 2 जोड़े और पिछली संख्या 2 जोड़े

28 + 2 + 2 = 32, अब 2 को लिखे, अब 3 को पहली संख्या 4 के नीचे रखकर जोड़ दे।

इसी तरह आप 10 से लेकर 19 तक की संख्याओं से किसी भी संख्या में गुणा कर सकते हैं।

51

10 से 19 के बीच गुणा –

जैसे -

14 * 17

1 4 (पहली संख्या को दूसरे संख्या के इकाई अंक के साथ जोड़ ले)

1 7

14 + 7 = 21 \text{ (प्रथम भाग)}

अब दोनों इकाई के अंक की गुणा कर दे

4 * 7 = 28 \text{ (अन्तिम भाग)}

अब प्रथम भाग और अन्तिम भाग को एक साथ लिख दे।

\begin{array}{r} 21 \\ 28 \\ \hline 238 \end{array}

(आधार 10 हैं इसलिए अन्तिम भाग में एक ही अंक आयेगा, अतः एक अंक आगे खिसक जायेगा।)

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गुणा करने का तरीका

➤ पहला तरीका -

28 * 32

28 को (30-2) के रूप में लिखें और 32 से अन्दर गुणा करें

= (30-2) * 32

= 960 - 64

= 896 \text{ उत्तर}

➤ दूसरा तरीका -

62 * 68

दोनों संख्याओं में 6 का अन्तर है।

और बीच का कार्यकारी आधार 65 लेंगे, 62 = (65-3), 68 = (65+3)

(65 - 3) (65 + 3)

(a-b)(a+b) = a^2 - b^2

65^2 - 3^2

4225 - 9

4216 \text{ उत्तर}

\begin{array}{r} 65 \\ 65 \end{array}

\begin{array}{r} 65 \\ 65 \end{array}

\underline{4225}

(एकाधिकेन पूर्वण द्वारा)

5 * 5 = 25 \text{ अन्तिम भाग}

6 * 6 + 1 = 42 \text{ प्रथम भाग}

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द्विघातीय समीकरण के लिए

x^2 + 5x + 6 = 0

अब देखे की स्वतंत्र पद (6) किन दो संख्याओं की गुणा करने पर प्राप्त हुआ है।

6 का गुणनखण्ड 2 \times 3 आयेगा।

अब सूत्र लगाये

ax^2 + bx + c = 0a = 1, b = 5, c = 6

यह चिन्ह याद रखे

\begin{array}{rcl} + & + & = - - \\ - & + & = + + \\ + & - & = - + \\ - & - & = + - \end{array}

अब x का मान निकाले

\frac{-v1}{a} , \frac{-v2}{a} (v1 व v2 समीकरण के फैक्टर हैं, जो हमें प्राप्त हुए 2 व 3 के रूप में)

समीकरण x^2 + 5x + 6 = 0 में दोनों जगह + + हैं।

\begin{array}{c} \downarrow \quad \downarrow \\ \boxed{+ + = - -} \end{array}

इसलिए हमने फैक्टर दोनों ऋणात्मक रखे हैं।

अतः x के मान हैं -2 व -3

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1 से 100 तक पहाड़ा याद करने की सरल विधि

जैसे हम 27 का पहाड़ा लिख रहे हैं, लेकिन हमें याद नहीं तो हम इस विधि से याद कर सकते हैं।

27 * 8 सताईस (27) अठ्ठे का पता करना है तो

अब 8 की गुणा संख्या पहले अंक के साथ करे 8 * 2 = 16

अब इसके आगे शून्य लगा ले (160)

अब 8 की गुणा संख्या की दूसरे अंक के साथ गुणा करें 7 * 8 = 56

अब इन्हें एक साथ जोड़ कर लिख दे।

160

56

216 उत्तर

➤ इसी तरह 27 सते पता कीजिए

27 * 7

7 * 2 = 14 (7 की गुणा दहाई अंक से)

शून्य लगाकर लिखे 140

अब 7 की गुणा इकाई के अंक से

7 * 7 = 49

55

140

49

189 उत्तर

➤ इसी तरह 34 चौकके निकालिए

3 4 * 4

4 * 3 = 120

4 * 4 = 16

120

16

136 उत्तर


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वैदिक गणित के 17 सूत्र हैं, इन सूत्रों को जो सीख लेगा वो गणित का इतना बड़ा पण्डित हो जायेगा की कैलकुटर से ज्यादा तेज कैलकुलेशन कर पायेगा। कुछ भारवासी पूरी दुनिया में अपना चमत्कार दिखाते रहते हैं गणित का। एक माता जी है, वो पूरी दुनिया में प्रवास करती है, बड़े- बड़े शो करती हैं, लाखों- लाखों रूपये वे इस शो के लेती हैं।

वे माता जी इन्ही सूत्रों को बताती है, और चमत्कारी तरीके से बताती हैं, जैसे 10 अंक की कोई संख्या लिख दो, अब 10 अंक की एक ओर संख्या लिख दो, अब इनमें गुणा कर दो। कैलकुलेटर जितनी देर में बतायेगा वे बहन जी उससे पहले ही बता देती हैं। ये कुछ भी नहीं है, ये बस वैदिक गणित के सूत्र है, जो सीख लेगा तो वो भी बता देगा। और उनका विज्ञापन भी आता है कि ऐसी माता जी है जिनका दिमाग कम्प्यूटर से तेज चलता है, आप आइये इनके दर्शन कीजिए।

मैं कहता हूँ कि ऐसी तो प्रत्येक माता जी हो सकती हैं, सभी भाई हो सकते हैं, बस वैदिक गणित के 17 सूत्र सीखने की देरी है।

मेरी आपसे विनम्र प्रार्थना है कि आपके घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं तो उन्हें आप वे सूत्र सीखा दीजिए। गणित उनको रोचक हो जायेगा। हमारे देश के बच्चों को गणित में ही सबसे ज्यादा बोरियत आती है। क्योंकि आज जो हम गणित सीखते व सीखाते हैं, तो वो अंग्रेजों के तरीके से हैं, उसमें रस बिल्कुल नहीं है, लेकिन ये जो वैदिक गणित लिखा गया है, इसको सीखने में इतना रस है, कि आप 90 साल के भी हो जाये तो आप ऐसे ही सीखेंगे जैसे 15- 16 साल के हो। हमारे देश की शिक्षा में महत्वपूर्ण बात है कि शिक्षा को रसपूर्ण बनाकर सीखाना, हँसते-हँसते सीखाना, खेलते खेलते सीखाना, गीत गाते गाते सीखाना, दुनिया में कही नहीं है ये।

- श्री राजीव दीक्षित जी

www.rajivdxt.com

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