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वैदिक गणित: १६ सूत्र

Vaidik Ganit: 16 Sutra

जगद्गुरु स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Vaidik Ganit 16 Sutras Compilation · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished57 पृष्ठ

4 से भाजकता -

जैसे – 987364 यदि संख्या के अन्तिम एवं उपान्त्य अंक 4 से विभाजित हैं तो पूर्ण संख्या 4 से विभाजित हो जायेगी।

26

सूत्र - 14

एकन्यून पर्वण - पहले से एक कम के द्वारा

दो गुणन संख्याओं में जब एक संख्या के सभी अंक 9 हो तो एकन्यून पर्वण विधि द्वारा गुणा किया जाता है। जिस संख्या के सभी अंक 9 हो उसे गुणक तथा दूसरी संख्या को गुण्य कहते हैं।

जैसे -

\begin{array}{rcc} 738 & * & 999 \\ \downarrow & & \downarrow \\ \text{गुण्य} & & \text{गुणक} \end{array}

गुणनफल के प्रथम भाग को प्राप्त करने के लिए गुण्य में से एक घटाये

738 - 1 = 737

अब गुणक में 1 जोड़े

999 + 1 = 1000

अब इसमें से गुण्य को घटाये

1000 - 737 = 262

अब प्रथम भाग (737) को लिखे, उसके बाद प्राप्त संख्या (262) को लिखें -

737262 उत्तर

उपसूत्र

अनुरूप्येण - अनुपातों से

इस सूत्र के उपयोग से आनुपातिक गुणन या भाग किया जाता है। जब संख्याएँ सैद्धान्तिक आधार 100 से काफी दूर हो तो क्रियात्मक आधार उपयोग में लाया जाता है।

जैसे –

1. 39 * 49

इन संख्याओं का वास्तविक आधार = 100

कार्यकारी आधार = 50

अतः कार्यकारी आधार से संख्या को घटाये

\begin{array}{l} 50 - 39 = 11 \\ 50 - 49 = 1 \end{array}

विचलनों को गुणा करें –

11 * 1 = 11 (यह गुणनफल का अन्तिम हिस्सा है।)

अब संख्या को आपस में तिरछा घटाये

विचलन का अन्तर -

या तो 39 में से 1 घटाये या फिर 49 में से 11 घटाये –

39 - 1 = 38

कार्यकारी आधार 100 से आधा है, इसलिए 38 का भी आधा कर दे।

38/2 = 19

28

पहला हिस्सा = 19

अन्तिम हिस्सा = 11

अभीष्ट उत्तर = 1911

2. 346 * 307

कार्यकारी आधार = 300

कार्यकारी आधार से संख्या को घटाये

300 - 346 = - 46

300 - 307 = - 7

विचलनों को गुणा करें -

-46 * -7 = 322 (यह गुणनफल का अन्तिम हिस्सा है।)

अब संख्या को आपस में तिरछा घटाये

विचलन का अन्तर -

346 - (-7) = 353

कार्यकारी आधार 100 से 3 गुना अधिक हैं, अतः संख्या में 3 से गुणा करेंगे

353 * 3 = 1059 (प्रथम हिस्सा)

वास्तविक आधार 100 हैं, अतः गुणनफल में अंकों की संख्या 2 से अधिक नहीं होगी। इसलिए अन्तिम हिस्से की एक संख्या, प्रथम हिस्से के नीचे जायेगी।

29

\begin{array}{r} 1\ 0\ 5\ 9 \Rightarrow \text{प्रथम हिस्सा} \\ + \quad 3\ 2\ 2 \Rightarrow \text{अन्तिम हिस्सा} \\ \hline 1\ 0\ 6\ 2\ 2\ 2 \text{ उत्तर} \end{array}

  • ❖ इसी तरह आप 4358 * 5234 का गुणनफल निकाल सकते हैं, जिसमें कार्यकारी आधार होगा 5000 व वास्तविक आधार होगा 1000

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उपसूत्र

यावदूनम् तावदूनीकृत्य वर्गं च योजयेत्

संख्या की आधार से जितनी भी न्यूनता हो उतनी न्यूनता और करके उसी न्यूनता का वर्ग भी रखें।

1. 87^2

निकटतम आधार = 100

आधार में कमी (100 - 87) = 13

अंतिम हिस्सा = 13^2 = 169

169 में 3 अंक हैं, जबकि आधार में 2 शून्य हैं, अतः 1 को प्रथम हिस्से में जोड़ा जायेगा।

अब 87 में से आधार की कमी संख्या घटाये

87 - 13 = 74 \quad (\text{यावदून तावदूनम्})

7 4

+ 169

7 5 6 9उत्तर

31

2. 10202

निकटतम आधार = 1000

आधार से अधिकता = 20

अंतिम हिस्सा = 202 = 400 (अन्तिम हिस्सा)

अब 1020 में से आधार की अधिक संख्या जोड़े

1020 + 20 = 1040 (प्रथम हिस्सा)

प्रथम हिस्सा / अंतिम हिस्सा

1 0 4 0 / 400

1040400 उत्तर


3. 1093

आधार = 100

आधार से अधिकता = 9

घन का प्रथम हिस्सा = आधार से अधिकता का दुगुना करें एवं मूल संख्या में जोड़े

32

= 9 * 2 + 109

= 127 \text{ (प्रथम हिस्सा)}

आरम्भिक अधिकता x आधार से 127 की अधिकता

= 9 * 127

= 243 \text{ (मध्य हिस्सा)}

\text{घन का अंतिम हिस्सा} = 9^3 = 729

127/243/729

आधार में 2 शून्य हैं, अतः एक अंक अगली संख्या के नीचे जायेगा।

127

243

729

\underline{1295029} \text{ उत्तर}

33

4. 92^3

आधार = 100

आधार में कमी = 8

घन का प्रथम हिस्सा = आधार से कमी का दुगुना करें एवं मूल संख्या में से घटाये -

92 - 8 * 2 = 76 (प्रथम हिस्सा)

मध्य हिस्सा = आधार में कमी * घन के प्रथम हिस्से (76) की आधार 100 से कमी

= 8 * 24

= 192 (मध्य हिस्सा)

अन्तिम हिस्सा = - 8 * -8 * -8

= - 512

संख्या ऋणात्मक है, अतः संख्या को समपूरक बनाने के लिए आधार 1000 से घटाना होगा।

1000 - 512 = 488 (अन्तिम हिस्सा)

अभीष्ट संख्याएं

34

76

192

-1

समपूरक के नियमानुसार, समपूरक से पहले वाली संख्या में से 1 की

488

कमी की जाती हैं।


778688


उत्तर

35

उपसूत्र

अन्ययोर्यशकेऽपि - अन्तिम अंकों का योग 10 वाली संख्याओं के लिए।

इस सूत्र का उपयोग उन संख्याओं के लिए किया जाता है, जिनका पहला खण्ड समान एवं अन्तिम खण्ड का योग 10 हो।

जैसे - अन्तिम अंको (4 व 6) का योग 10 है।

1 3 4 * 1 3 6

पहला खण्ड (13-13) समान हैं।

अतः गुणनफल का अन्तिम भाग = 4 * 6 = 24

(गुणनफल के प्रथम भाग में समान संख्या में 1 जोड़कर गुणा कर देंगे।)

गुणनफल का प्रथम भाग = 13 * 13 + 1 = 182

अभीष्ट गुणनफल = 1 8 2 2 4 उत्तर

36

उपसूत्र

अन्ययोरिव - अन्तिम पद से ही

यह सूत्र उन समीकरणों को सरल करने में प्रयुक्त होता है, जिनके बायें पक्ष में अन्तिम पदों ( स्वतंत्र पदों) को छोड़कर अंश तथा हर का अनुपात वही होता है, जो दायें पक्ष के पूरे अंश तथा हर का होता है। इसे अन्ययोरिव अर्थात् अन्तिम पदों के अनुपात द्वारा आसानी से हल किया जा सकता है।

जैसे -

1. \quad \frac{x^2 + x + 2}{x^2 + 2x + 5} = \frac{x + 1}{x + 2}

\text{सूत्रानुसार - } \frac{x^2 + x}{x^2 + 2x} = \frac{x(x+1)}{x(x+2)} = \frac{x+1}{x+2}

\text{अतः} \quad \frac{x + 1}{x + 2} = \frac{2}{5}

5x + 5 = 2x + 4

5x - 2x = 4 - 5

3x = -1

x = -1/3

उत्तर

सबसे पहले दोनों तरफ की समीकरण को समान बनाया फिर उसे स्वतंत्र पद के बराबर रख दिया। जिससे x का मान निकल गया।

37

(a+2)(a+3)(a+11) = (a+4)(a+5)(a+7)

दोनों तरफ तीन ही a हैं, और दोनों तरफ चर का योग 16 ही हैं। इसलिए हम इस सूत्र का उपयोग कर सकते हैं।

\frac{(a+2)(a+3)}{(a+4)(a+7)} = \frac{a+5}{a+11}

\frac{2 \times 3}{4 \times 7} = \frac{a+5}{a+11} \quad (\text{बायीं तरफ चर पद को छोड़ दे})

\frac{a+5}{a+11} = \frac{6}{28}

28a + 140 = 6a + 66

28a - 6a = 66 - 140

22a = -74

a = \frac{-74}{22} = \frac{-37}{11} \quad \text{उत्तर}

38

उपसूत्र

विलोकनम्- देखकर

1. जैसे : - x + (1/x) = 10/3

उक्त समीकरण में विलोकनम् के अनुसार बायाँ पक्ष दो व्युत्क्रमों (x तथा 1/x) का योग है। साथ ही दायाँ पक्ष भी दो व्युत्क्रमों (3 तथा 1/3) का योग है।

x + \frac{1}{x} = \frac{10}{3}

दाये पक्ष को बाये पक्ष की तरह बना ले।

\text{अतः } \frac{10}{3} = 3 + \frac{1}{3}

x + \frac{1}{x} = 3 + \frac{1}{3} \quad \text{तुलना करने पर}

x = 3 \text{ उत्तर}

39

जैसे - \frac{x+5}{x+6} + \frac{x+6}{x+5} = \frac{82}{9}

\frac{82}{9} = \frac{1 + 81}{9 * 1} = \frac{1}{9} + \frac{9}{1}

दायी तरफ की समीकरण को बायी तरफ की समीकरण की तरह बनाये

फिर तुलना करें।

\frac{x+5}{x+6} = \frac{1}{9} \quad \text{or} \quad \frac{x+6}{x+5} = \frac{9}{1}

9x + 45 = x + 6

या

x+5 = 9x + 54

8x = 6 - 45 = -39

या

8x = 54 - 5 = 49

x = -39/8 \quad \text{उत्तर}

या

x = -49/8 \quad \text{उत्तर}


3. जैसे :- 5x - y = 7 और xy = 6

xy = 6 दिया हुआ है।

xy = 6 का मतलब है कि या तो

x = 6, y = 1

या

x = 1, y = 6

या

x = 2, y = 3

या

x = 3, y = 2

40

अब x व y का मान समीकरण में रखे बारी बारी से। जो इस समीकरण (5x-y=7) को सन्तुष्ट कर देगी। वही x व y के मान होंगे।

x = 6, y = 1 रखने पर -

5 * 6 - 1 = 29

29 ≠ 7 (समीकरण सन्तुष्ट नहीं हुई)

अब x = 1, y = 6 रखने पर -

5 * 1 - 6 = -1

-1 ≠ 7 (समीकरण सन्तुष्ट नहीं हुई)

अब x = 2, y = 3 रखने पर -

5 * 2 - 3 = 7

10 - 3 = 7

7 = 7 (समीकरण सन्तुष्ट हो गयी)

अतः x = 2, y = 3 उत्तर

41

उपसूत्र

गुणितसमुच्चयः समुच्चयगुणितः

गुणनखण्डों की गुणन संख्याओं के योग का गुणनफल, गुणनफल की गुणन संख्याओं के योग के समान होता है।

जैसे –

(2a + 1)(3a + 5) = 6a^2 + 13a + 5

दाया पक्ष व बाया पक्ष समान हैं, अतः चर पद छोड़ने पर -

(2 + 1)(3 + 5) = (6 + 13 + 5)

= 24 \text{ उत्तर}

42

गणनाएं करने की कुछ शार्ट ट्रिक्स

वर्गमूल व घनमूल

1^2 = 1

1^3 = 1

2^2 = 4

2^3 = 8

3^2 = 9

3^3 = 27

4^2 = 16

4^3 = 64

5^2 = 25

5^3 = 125

6^2 = 36

6^3 = 216

7^2 = 49

7^3 = 343

8^2 = 64

8^3 = 512

9^2 = 81

9^3 = 729

10^2 = 100

10^3 = 1000

11^2 = 121

11^3 = 1331

12^2 = 144

12^3 = 1728

13^2 = 169

13^3 = 2197

14^2 = 196

14^3 = 2744

15^2 = 225

15^3 = 3375

16^2 = 256

16^3 = 4096

17^2 = 289

17^3 = 4913

18^2 = 324

18^3 = 5832

19^2 = 361

19^3 = 6859

20^2 = 400

20^3 = 8000

43

1. 8836 का वर्गमूल

8 8 3 6

संख्या को 2-2 अंकों में विभाजित कीजिए, जितने जोड़े बनेगे, वर्गमूल भी उतनी ही संख्या का होगा।

यहां 8836 के दो जोड़े बने हैं, अतः वर्गमूल 2 अंकों का होगा।

अब संख्या का ईकाई का अंक निकालें।

8 8 3 6

↓ ईकाई का अंक 4 या 6 होगा।

क्योंकि इन दो संख्याओं के वर्गमूल में ईकाई का अंक 6 हैं।

जैसे 4^2 = 16 व 6^2 = 36

8 8 3 6 पूर्ण वर्ग 90^2 एवं 100^2 के मध्य हैं।

क्योंकि 90^2 = 8100 व 100^2 = 10000

और संख्या है 8836 जोकि 8100 व 10000 के बीच हैं।

8100 = 90^2 व 10000 = 100^2

वर्गमूल या तो 94 होगा या तो 96 होगा।

क्योंकि वर्गमूल के इकाई का अंक 4 या 6 हैं।

अब देखें की जिसका वर्गमूल निकालना है वो संख्या (8836), संख्या 8100 के नजदीक है, या 10000 के।

44

अतः संख्या 8100 के ज्यादा करीब हैं, इसलिए हम 94 व 96 में से 94 को चुनेगे।

\sqrt{8836} = 94 \text{ उत्तर}

2. 20449 का वर्गमूल –

2 0 4 4 9 में अंकों के जोड़े बनाने के बाद, अंकों की संख्या 3 है।

इकाई का अंक 3 या 7 होगा। क्योंकि इन्हीं संख्याओं के वर्ग में ही इकाई का अंक 9 आता है,

जैसे – 3^2 = 9 व 7^2 = 49

अब देखे की संख्या का किन दो संख्याओं वर्ग के बीच आ रही है।

तीन अंक की संख्या है, तो तीन अंक की संख्या के वर्ग के बीच की ही संख्या होगी।

140^2 = 19600 \quad \text{व} \quad 150^2 = 25000

संख्या 20449, 140^2 व 150^2 के बीच की संख्या है।

संख्या 20449, संख्या 19600 के ज्यादा नजदीक है।

और इकाई के अंक 3 व 7 हैं।

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