भारतकोश
वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

Vaidik Shiksha Paddhati and Gurukul System

डॉ. भास्कर मिश्र द्वारा

DevanagariHindipublished353 पृष्ठ

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पृष्ठ 209

Digitized by Arya Samaj Foundation Chennai and eGangotri द्वितीय अध्याय 181 रिवाज, प्रथाएँ, मान्यताएँ, अन्धविश्वास, रूढ़ियों, जादू-टोने, कृत्या प्रयोग, अभिसार कर्म, सम्मोहन, वशीकरण, जड़ी-बूटियों आदि का व्यापक निरूपण है। यह अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक तथा लोक सांस्कृतिक सामग्री का विश्वकोश है। इसीलिए मैकडॉनल का कथन है कि 'सभ्यता के इतिवृत्त' के अध्ययन के लिए ऋग्वेद की अपेक्षा अथर्ववेद में उपलभ्यमान सामग्री कहीं अधिक रोचक एवं महत्त्वपूर्ण हैं। अन्य विषय :- अब तक किये गये विषयों के विवेचन के अतिरिक्त अन्य विषयों पर भी अथर्ववेद में न्यूनाधिक्य जानकारी दी गयी है। इसमें ऋग्वेद के सदृश सामाजिक विषयों तथा व्यवस्थाओं पर भी कुछ मन्त्र प्राप्त होते हैं। इसमें समाज के समस्त वर्गों में परस्पर मृदु सम्बन्धों की आवश्यकता पर बल दिया गया है— प्रि॒यं मा॑ कृणु दे॒वेषु॑ प्रि॒यं राज॑सु मा कृणु। प्रि॒यं सर्व॑स्य॒ पश्य॑त उ॒त शूद्र उ॒तार्ये॑॥१॥ (अथर्व० ११) CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar