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वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

Vaidik Shiksha Paddhati and Gurukul System

डॉ. भास्कर मिश्र द्वारा

DevanagariHindipublished353 पृष्ठ

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16 वैदिक वाङ्मय में राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता "अनेकता में एकता इस प्रकार बैठी है जैसे शरीर में भिन्न-भिन्न अवयवों के होते हुए भी रीढ़ की हड्डी में चलता हुआ स्नायु मंडल।''१ महात्मा गाँधी के अनुसार- ''एकता क्या चीज है और उसे किस तरह बढ़ाया जा सकता है? इसका उत्तर सीधा सादा है। एकता के लिए आवश्यक यह है कि हम सब लोगों का उद्देश्य एक हो, लक्ष्य एक हो तथा हमारी तकलीफें भी एक समान हो। एकता को प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि एक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक-दूसरे के साथ सहयोग किया जाये, दूसरों के दुःखों में हिस्सा बँटाया जाए और परस्पर सहिष्णुता बरती जाये।''२ उपर्युक्त विचारों से स्पष्ट है कि एकता अर्थात् राष्ट्रीय एकता वह भावना है जो समस्त जन-जन के हृदय में विद्यमान रहती है, जिससे प्रेरित होकर वह एकता के सूत्र मे बँध जाते हैं। अखण्डता शब्द से अभिप्राय है खण्डित न होने वाली स्थिति या प्रक्रिया अर्थात् जिसका खण्डन न किया जा सके। राष्ट्रीय अखण्डता को कुछ इस प्रकार समझा जा सकता है। राष्ट्रीय संविधान का सम्पूर्ण राष्ट्र में समान रूप से लागू होना। राष्ट्रीय अखण्डता भौगोलिक सीमाओं और भूखण्डों से प्रभावित होते हुए भी एक संविधान सूत्र के अन्तर्गत विभिन्न प्रान्त व भूखण्डों का एक राष्ट्र के रूप में स्थापित होना। राष्ट्रीय अखण्डता एक संविधान के अन्तर्गत राष्ट्रीय एकता के आधार पर बनी रह सकती है। जैसे भारतवर्ष एक विशाल राष्ट्र है जो विभिन्न प्रान्तीय भूखण्डों में विभक्त होते हुए भी एक संविधान के अन्तर्गत अपनी अखण्डता को बनाये हुए है। जिसकी अखण्डता पर प्रान्तीय भूखण्डों, विचारधाराओं, धर्म, जातियों, सम्प्रदायों की विभिन्नताओं का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। राष्ट्रीय अखण्डता के कारण ही राष्ट्र का प्रत्येक नागरिक सम्पूर्ण राष्ट्र को अपना घर समझता है और उसके किसी भी स्थान पर उसका जन्मसिद्ध अधिकार होता है चाहे वह किसी भी प्रान्त, धर्म, सम्प्रदाय जाति अथवा विचारधारा से सम्बन्धित हो। एक अखण्ड राष्ट्र ही राष्ट्रीय एकता स्थापित रख सकता है। इस प्रकार राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता में घनिष्ठ सम्बन्ध है। राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक तत्त्वों पर आधारित होती है। ये सभी तत्त्व एक-दूसरे से आबद्ध होते हैं। राष्ट्रीय एकता एवम् अखण्डता के आधार तत्त्व मुख्यतः निम्न हैं।

१. हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान भाग-१, पृ० ३६३ २. महात्मा गाँधी का सन्देश : संकलन और सम्पादन, यू० एस० मोहनराव, पृ० ८२