वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)
Vaidik Shiksha Paddhati and Gurukul System
डॉ. भास्कर मिश्र द्वारा
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316 | वैदिक वाङ्मय में राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता वाले इस देश के विरुद्ध जनमत जागृत करना होगा। यदि इस प्रसंग में भारत ने दृढ़ता का परिचय दिया तो वह इसको रोकने में सफल हो सकेगा। प्रथम : इसके अतिरिक्त भी कुछ सुझाव हैं कि जो वास्तविकता में बहुत ही पास है। आतंकवादियों में एक वर्ग ऐसा भी है जो कि परिस्थितिवश या केवल क्षणिक आवेश में या नासमझी के दौर में आतंकवाद से जुड़ गया है और सत्यता से परिचित होने पर भी उससे बाहर आने में अपने आपको असमर्थ पा रहा है। शासन और समाज की स्वयंसेवी संस्थाओं और कार्यकताओं का यह कर्तव्य है कि इनके साथ पूरी सद्भावना और सहानुभूति का परिचय देते हुए इन युवकों के शस्त्रों सहित आत्मसमर्पण की व्यवस्था की जाये और उनके पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाये। द्वितीय : वनांचल, तैलंगाना और बोडोलैण्ड आदि भी भारतीय संघ में ही अलग राज्य के रूप में स्थापना की जो माँग और आन्दोलन कर रहे हैं, इनसे समय- समय पर आतंकवाद को जन्म मिला है। इसीलिए यह सुझाव प्रस्तावित है कि एक नवीन राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना करके इन मामलों को विचारार्थ सौंप दिया जाना चाहिए। यह सुझाव गम्भीरता से विचारणीय है और सभी दलों की सहमति से ही किया जाना चाहिए। तृतीय : आतंकवाद केवल कानून और व्यवस्था का प्रश्न ही नहीं है, आतंकवाद एक राजनैतिक परिप्रेक्ष्य है, एक मनोवैज्ञानिक पक्ष है। केवल बल प्रयोग से कोई भी राजनैतिक या जटिल राष्ट्रीय समस्या का समाधान नहीं खोजा जा सकता है। बल प्रयोग भी विवेक और सद्भावना के साथ, साहस के समन्वय के साथ करना चाहिए। शासन द्वारा आतंकवादियों से बातचीत अवश्य ही की जानी चाहिए, शर्त केवल यह है कि बातचीत संविधान के दायरे में हो, बातचीत के लिए आगे आने वाले आतंकवादी तत्त्व आज की घड़ी और भविष्य में अपने आपको देश की एकता और अखण्डता के लिए प्रतिबद्ध घोषित करें और आतंकवाद का रास्ता छोड़ने की घोषणा करें।
CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar
Digitized by Arya Samaj Foundation Chennai and eGangotri सहायक ग्रन्थसूची १. ऋग्वेद चौखम्बा संस्कृत भवन, वाराणसी २. यजुर्वेद चौखम्बा संस्कृत भवन, वाराणसी ३. सामवेद चौखम्बा संस्कृत भवन, वाराणसी ४. अथर्ववेद चौखम्बा संस्कृत भवन, वाराणसी ५. शतपथ ब्राह्मण चौखम्बा संस्कृत भवन, वाराणसी ६. ईशादि नौ उपनिषद् गीताप्रेस, गोरखपुर ७. छान्दोग्योपनिषद् गीताप्रेस, गोरखपुर ८. बृहदारण्यकोपनिषद् गीताप्रेस, गोरखपुर ९. पातञ्जल योगदर्शन स्वामी श्री ब्रह्मलीन मुनि १०. कौटिलीय अर्थशास्त्र टीका वाचस्पति गैरोला १२. श्रीमद्भागवतम् गीताप्रेस, गोरखपुर १३. वाल्मीकिरामायणम् गीताप्रेस, गोरखपुर १४. ऋग्वेदभाष्यभूमिका वाराणसी १५. निरुक्तम् वाराणसी १६. कौषीतकिब्राह्मणआचारविचाराः डॉ० मंगल देव शास्त्री १७. वेदान्त परिभाषा डॉ० गजाननन शास्त्री मुसलगाँवकर १८. सर्वदर्शन संग्रह डॉ० उमाशङ्कर शर्मा १९. ब्रह्मसूत्र शाङ्करभाष्य, स्वामी श्री हनुमानदास षटशास्त्री २०. महाभारत गीताप्रेस, गोरखपुर २१. अष्टादशपुराणदर्पण ज्वालाप्रसाद मिश्र २२. पुराणातत्त्वमीमांसा श्रीकृष्णमणि त्रिपाठी २३. आर्यसंस्कृति के आधार ग्रन्थ पं० बलदेव उपाध्याय २४. वैदिक साहित्य और संस्कृति पं० बलदेव उपाध्याय २५. धर्म औव समाज डॉ० एस० राधाकृष्णन २६. धर्मशास्त्र का इतिहास पी०वी० काणे CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar
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318 वैदिक वाङ्मय में राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता २७. सनातन धर्मालोक श्रीदीनानाथ शास्त्री २८. प्राचीन भारतीय साहित्य की सांस्कृतिक भूमिका डॉ० राम जी उपाध्याय २९. भारतस्य सांस्कृतिक निधिः डॉ० राम जी उपाध्याय ३०. प्राचीन भारत की विभूतियाँ राधा कुमुद मुकर्जी ३१. प्राचीन भारतीय संस्कृति कला राजनीति और धर्मदर्शन डॉ० ईश्वरी प्रसाद ३२. भारतीय संस्कृति और समाज पं० शम्भू रत्न त्रिपाठी ३३. भारतीय साहित्य और संस्कृति डॉ० हरिदत्त शास्त्री ३४. मानविकी परिभाषिक कोश डॉ० बी०एस० नर्वणे ३५. वैदिक विश्वदर्शन पं० हरिशंकर जोशी ३६. वैदिक राज व्यवस्था डॉ० शमामलाल पाण्डेय ३७. वर्ण व्यवस्था महात्मा गाँधी ३८. हिन्दू धर्मकोश डॉ० राजबली पाण्डेय ३९. हिन्दू संस्कार डॉ० राजबली पाण्डेय ४०. हिन्दू परिवार मीमांसा हरिदत्त विद्यालङ्कार ४१. ऐतरेय ब्राह्मण आसे द्वारा सम्पादित ४२. धर्म और दर्शन देवेन्द्र मुनि ४३. संस्कृति के चार अध्याय श्रीरामधारी सिंह दिनकर ४४. भारतीय संस्कृति शिवदत्त ज्ञानी ४५. भारतीय दर्शन श्री उमेश मिश्र ४६. वैदिक साहित्य की रूपरेखा. श्री हंसराज अग्रवाल ४७. भारतीय प्रज्ञा मोनियर विलियम्स अनुवादक ४८. पुरुषार्थ डॉ० भगवान दास ४९. वेदार्थ चन्द्रिका डॉ० मुशीराम शर्मा ५०. वैदिक वाङ्मय का इतिहास श्री रमाकान्त शास्त्री ५१. वैदिक योगसूत्र श्री हरिशंकर जोशी ५२. वैदिक एवं वेदोत्तर भारतीय
CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar
Digitized by Arya Samaj Foundation Chennai and eGangotri सहायक ग्रन्थसूची 319 संस्कृति श्री गंगाधर मिश्र ५३. वैदिक साहित्य का इतिहास डॉ० पारसनाथ द्विवेदी ५४. ऋग्वेद प्रातिशाख्य डॉ० वीरेन्द्र कुमार वर्मा ५५. वैदिक साहित्य और संस्कृति श्री वाचस्पति गैरोला ५६. भारतीय चिन्तन की परम्परा में नवीन संभावनाएं श्री राधेश्याम धर द्विवेदी ५७. भारतीय विचार दर्शन श्री हरिनाथ त्रिपाठी ५८. साम विधान ब्राह्मण सायण ५९. वेदान्त कल्पलता महर्षि देवराज ६०. भारतीय संस्कृति और साधना म०म० गोपीनाथ कविराज ६१. आत्मबोध स्वामी अखण्डानन्द ६२. साधना और ब्रह्मानुभूति स्वामी अखण्डानन्द ६३. ऐतरेय ब्राह्मण वाराणसी ६४. मानवता की ओर महेशानन्द गिरि ६५. प्राचीन भारतीय लोकधर्म डॉ० वासुदेव शरण अग्रवाल ६६. उपनिषत्कालीन समाज एवं संस्कृति राजेन्द्र कुमार त्रिवेदी ६७. ऋग्वेद में सांस्कृतिक तत्त्व राजक्षत्र मिश्र ६८. वेदमीमांसा आचार्य लक्ष्मीदत्त दीक्षित ६९. वैदिक ऋषि एक परिशीलन कपिल देव शास्त्री ७०. संस्कृत साहित्य का इतिहास पं० बलदेव उपाध्याय ७१. संस्कृत साहित्य का इतिहास डॉ० कपिलदेव द्विवेदी ७२. संस्कृत साहित्य का इतिहास वाचस्पति गैरोला ७३. भारतीय दर्शन पं० बलदेव उपाध्याय ७४. वैदिक साहित्य और संस्कृति आचार्य बलदेव उपाध्याय, शारदा संस्थान, दुर्गाकुण्ड, वाराणसी। R14,MIS-V 181321 [गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय 181321] CC-0. Gurukul Kangri Collection. Haridwar
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Digitized by Arya Samaj Foundation Chennai and eGangotri पुस्तकालय गुरुकुल काँगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार वर्ग संख्या 14 मिश्रा-वै आगत संख्या 181321 पुस्तक विवरण की तिथि नीचे अंकित है। इस तिथि सहित 30वें दिन यह पुस्तक पुस्तकालय में वापस आ जानी चाहिए अन्यथा 50पैसे प्रतिदिन के हिसाब से विलम्ब शुल्क लगेगा । CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar
Digitized by Arya Samaj Foundation Chennai and eGangotri GURUKUL KANGRI LIBRARY Signature Date Acces. : [Signature] 4/11/14 Class : [Signature] 24/11/04 Cat N : Tag etc. : [Signature] 24/11/014 E.A.R. : Recomm. : Donation Data Entry : [Signature] 19/11/14 Checke : CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar
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लेखक-परिचय डा. भास्कर मिश्र का जन्म राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुआ। आप देश के प्रतिष्ठित, मूर्धन्य विद्वान् डा. मण्डन मिश्र के ज्येष्ठ पुत्र हैं। आपने साहित्याचार्य, एम. ए. (संस्कृत), एम.एड्., विद्यावारिधि, डी. लिट्. उपाधियाँ प्राप्त कीं। डा. मिश्र ने हरियाणा संस्कृत विद्यापीठ, बघोला (हरियाणा) में प्राध्यापक के रूप में अध्यापन कार्य प्रारम्भ किया तथा श्री रणवीर केन्द्रीय संस्कृत विद्यापीठ, जम्मू में प्रशिक्षण विभागाध्यक्ष का दायित्व निर्वहण करते हुए वर्तमान में आप श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रिय संस्कृत विद्यापीठ, नई दिल्ली में आधुनिक ज्ञान-विज्ञान संकाय में प्रोफेसर के पद पर प्रतिष्ठित हैं। अध्यापन के साथ अनुसंधान के क्षेत्र में आपका सराहनीय योगदान है। आपने विश्व संस्कृत सम्मेलन, नई दिल्ली, वर्ष 2001 में आयोजित शिक्षा-सत्र का संयोजन किया। आपने अनेक उच्च कोटि के ग्रन्थों का प्रणयन किया है। आप द्वारा विरचित ग्रन्थ एक नवीन एवं आधुनिक विश्लेष्णात्मक दृष्टि का सूत्रपात करते हैं। ग्रन्थ सूची : चतुर्भुजमिश्रविरचितरसकल्पद्रुम का समीक्षात्मक सम्पादन और भाषानुवाद, वैदिक शिक्षा मीमांसा, विद्यालय प्रशासन, शिक्षा एवं संस्कृति - नए संदर्भ, शिक्षक और समाज। CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar
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