भारतकोश
वैराग्य शतक

वैराग्य शतक

Vairagya Shatak

भर्तृहरि (टीकाकार: हरिदास वैद्य) द्वारा

स्रोत: 1925 Haridas Vaidya edition · Haridas And Co., Kolkata / Digital Library of India · 1925 (उद्गम)

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वैराग्यशतक

स्त्रीका दर्शन ही ऐसा है कि जिससे देवता भी धैर्य्य त्याग देते हैं । ब्रह्माजी शान्तनु ऋषि की स्त्री अमोघा का रूप देखकर मुग्ध हो गये । पृष्ठ ५४

Popular Press, Calcutta.