वैराग्य शतक

वैराग्य शतक
Vairagya Shatak
भर्तृहरि (टीकाकार: हरिदास वैद्य) द्वारा
स्रोत: 1925 Haridas Vaidya edition · Haridas And Co., Kolkata / Digital Library of India · 1925 (उद्गम)
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वैराग्यशतक
महासुनि विश्वामित्र जैसे तपस्वीको भेदकाने गृहस्थी के जंगल में जकड़ दिया, तब मोहिनीयों से और कौन बच सकता है ? देखिये, आप कन्या को गोद में लिये खड़े हैं ।
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