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भारतकोश
वैराग्य शतक

वैराग्य शतक

Vairagya Shatak

भर्तृहरि (टीकाकार: हरिदास वैद्य) द्वारा

स्रोत: 1925 Haridas Vaidya edition · Haridas And Co., Kolkata / Digital Library of India · 1925 (उद्गम)

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प्रश्नोत्तरी

आत्मा-सम्बन्धी-प्रश्नोत्तर ।

( १ ) प्रश्न—आत्मा कैसा है ?

उ०—आत्मा अचिन्त्य, अनन्तरूप, कल्याणरूप, अमृत, प्राया का भी कारण, आदि-मध्य और अन्तसे हीन, चिन्म, एक आनन्द रूप और अद्वुत है ।

( २ ) प्रश्न—क्या सब प्राणियोंमें एक ही आत्मा है ?

उ०—निरसन्देह, सभी प्राणियोंमें एकही आत्मा है । श्वेतां श्वतरोपनिषद् में लिखा है—“एक ही चेतन देव सारे भूतों में छिपा हुआ है । वही सबमें व्याप रहा है और वही सब भूतोंका अन्तरात्मा है । वही कर्मों का अध्यक्ष या ज्ञाता सब भूतों को निवासस्थान, साक्षी, चेतन, द्रष्ट से रहित और निर्गुण है ।

( ३ ) प्र०—क्या शरीर और आत्मा दो अलग-अलग पदार्थ हैं ?