भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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अव्यक्ते शब्डे। हिक्कति। हिक्कते॥ १॥ अञ्चु गतौ याचने च। अञ्चति। अञ्चते॥ २॥ अचु इत्येके॥ ३॥ अचि इत्यपरे॥ ४॥ डुयाच् याचञ्जायाम्। याचते॥ ५॥ रेटृ परिभाषणे। रेटति। रेटते॥ ६॥ चते चदे याचने। चचात। चेते। अचर्तीत्। चचाद। चेदे। अचदीत्॥ ८॥ प्रोथृ पर्याप्तौ। प्रोथति। प्रोथते॥ ९॥ मिद मेद मेधाहिंसनयोः। मिमेद। मिमिदे। मिमेदे। थान्ताविमाविति स्वामी। मिमेथ। धान्ताविति न्यासः॥ ११॥ मेधृ सङ्गमे च। मेधति। मिमेधे॥ १२॥ णिद णेद कुत्सासन्निकर्षयोः। निनेद। निनिदतुः। निनिदे। निनेदे॥ १४॥ शृधु मृधु उन्देने। उन्दनं क्लेदनम्। शर्धति। शर्धते। शर्धिता। मर्धति। मर्धते॥ १६॥ बुधिर बोधने। बोध