भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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? No, it's र्on top of something? Wait, could it be: परोऽयं कित्स्यात्? NO, look at the sutra: श्र्युकः किति(7.2.11). What is 7.2.11? In Ashtadhyayi: 7.2.10:एकाच उपदेशेऽनुदात्तात् 7.2.11:श्र्युकः किति 7.2.12:सनि ग्रहगुहोश्च 7.2.13:कृत्यचः Wait! In 7.2.11, "श्र्युकः किति": Does it mean इट्-निषेध? Yes!नेड्वसि कृतः(7.2.8) ->(7.2.8),इट्` (7.2.8). So 7.2.11 means: श्रिञः उकश्च परस्य कितो वलादेरार्धधातुकस्य इण् न स्यात्! "श्रिञ एकाच उगन्ताच्च परस्य कितो विहितस्येटो निषेधः स्यात्" or something like that! Wait, in Siddhanta Kaumudi, what is the EXACT text for 7.2.11? Let's