वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
पृष्ठ 359, कुल 835 में से
संदर्भ में पढ़ें? No, it's र्on top of something? Wait, could it be: परोऽयं कित्स्यात्? NO, look at the sutra: श्र्युकः किति(7.2.11). What is 7.2.11? In Ashtadhyayi: 7.2.10:एकाच उपदेशेऽनुदात्तात् 7.2.11:श्र्युकः किति 7.2.12:सनि ग्रहगुहोश्च 7.2.13:कृत्यचः Wait! In 7.2.11, "श्र्युकः किति": Does it mean इट्-निषेध? Yes!नेड्वसि कृतः(7.2.8) ->न(7.2.8),इट्` (7.2.8).
So 7.2.11 means: श्रिञः उकश्च परस्य कितो वलादेरार्धधातुकस्य इण् न स्यात्!
"श्रिञ एकाच उगन्ताच्च परस्य कितो विहितस्येटो निषेधः स्यात्" or something like that!
Wait, in Siddhanta Kaumudi, what is the EXACT text for 7.2.11?
Let's