भारतकोश
वाक्यपदीयम्: ब्रह्मकाण्ड (भर्तृहरि - शब्दब्रह्म, स्फोट-सिद्धान्त एवं भाषा-दर्शन सटीक)

वाक्यपदीयम्: ब्रह्मकाण्ड (भर्तृहरि - शब्दब्रह्म, स्फोट-सिद्धान्त एवं भाषा-दर्शन सटीक)

Vakyapadiya Brahmakanda of Bhartrihari with Commentary

भर्तृहरि (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण शुक्ल) द्वारा

DevanagariHindipublished192 पृष्ठ

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[ ४ ] अन्त में भगवान् विश्वनाथ के करकमलों में इस ग्रन्थरत्न को अर्पण करता हुआ विज्ञजनों से अपनाने की प्रार्थना करता हूँ । यदि मेरे इस परिश्रम से किसी भी विद्वान् को कुछ सन्तोष होगा तो मै आनन्दित होऊँगा । पाठकों से निवेदन है कि प्रेस की असावधानी से अथवा मेरे ही नेत्रदोष या बुद्धिदोष से कहीं कुछ त्रुटियाँ रह गई हों तो सुधार कर मुझे सूचित करने की कृपा करेंगे । विजयादशमी } विद्वानों के स्नेह का पात्र २०१८ विक्रम } रामगोविन्द शुक्ल