वामन पुराण

वामन पुराण
Vamana Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
DevanagariHindipublished489 पृष्ठ
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| ४२८ | श्रीवामनपुराण | [ अध्याय ८६ |
|---|
| संस्कृत श्लोक | हिन्दी अनुवाद |
|---|---|
| एकशृङ्ग नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं वृषाकपे।<br>श्रीनिवास नमस्तेऽस्तु नमस्ते भूतभावन॥ २ | आपको नमस्कार है। हे एकशृङ्ग! आपको नमस्कार है। हे वृषाकपे! आपको नमस्कार है। हे श्रीनिवास! आपको नमस्कार है। हे भूतभावन! आपको नमस्कार है। |
| विष्वाक्सेन नमस्तुभ्यं नारायण नमोऽस्तु ते।<br>ध्रुवध्वज नमस्तेऽस्तु सत्यध्वज नमोऽस्तु ते॥ ३ | हे विष्वाक्सेन! आपको नमस्कार है। हे नारायण! आपको नमस्कार है। हे ध्रुवध्वज! आपको नमस्कार है। हे सत्यध्वज! आपको नमस्कार है। हे यज्ञध्वज! |
| यज्ञध्वज नमस्तुभ्यं धर्मध्वज नमोऽस्तु ते।<br>तालध्वज नमस्तेऽस्तु नमस्ते गरुडध्वज॥ ४ | आपको नमस्कार है। हे धर्मध्वज! आपको नमस्कार है। हे तालध्वज! आपको नमस्कार है। हे गरुडध्वज! आपको नमस्कार है। हे वरेण्य! हे विष्णो! हे वैकुण्ठ! |
| वरेण्य विष्णो वैकुण्ठ नमस्ते पुरुषोत्तम।<br>नमो जयन्त विजय जयानन्त पराजित॥ ५ | हे पुरुषोत्तम! आपको नमस्कार है। हे जयन्त! हे विजय! हे जय! हे अनन्त! हे पराजित! आपको नमस्कार है। हे कृतावर्त! हे महावर्त! हे महादेव! आपको नमस्कार |
| कृतावर्त महावर्त महादेव नमोऽस्तु ते।<br>अनाद्याद्यन्त मध्यान्त नमस्ते पद्मजप्रिय॥ ६ | है। हे अनादि एवं आदि और अन्तमें विद्यमान! हे मध्यान्त! (मध्य और अन्तवाले) हे पद्मजप्रिय! आपको प्रणाम है। हे पुरञ्जय! आपको नमस्कार है। |
| पुरञ्जय नमस्तुभ्यं शत्रुञ्जय नमोऽस्तु ते।<br>शुभञ्जय नमस्तेऽस्तु नमस्तेऽस्तु धनञ्जय॥ ७ | हे शत्रुञ्जय! आपको प्रणाम है। हे शुभञ्जय! आपको प्रणाम है। हे धनञ्जय! आपको प्रणाम है। हे सृष्टिको अपनेमें सुरक्षित रखनेवाले हे सृष्टिगर्भ! श्रवणमात्रसे ही पवित्र कर देनेवाले हे शुचिश्रवः! आर्तजनोंकी पुकारको विशाल कर्णोंसे सुननेवाले हे पृथुश्रवः! आपको नमस्कार |
| सृष्टिगर्भ नमस्तुभ्यं शुचिश्रवः पृथुश्रवः।<br>नमो हिरण्यगर्भाय पद्मगर्भाय ते नमः॥ ८ | है। आप हिरण्यगर्भको नमस्कार है। आप पद्मगर्भको नमस्कार है॥ १—८॥ |
| नमः कमलनेत्राय कालनेत्राय ते नमः।<br>कालनाभ नमस्तुभ्यं महानाभ नमो नमः॥ ९ | आप कमलनेत्रको प्रणाम है। आप कालनेत्रको प्रणाम है। हे कालनाभ! आपको प्रणाम है। हे महानाभ! आपको बारम्बार प्रणाम है। हे वृष्टिमूल! |
| वृष्टिमूल महामूल मूलावास नमोऽस्तु ते।<br>धर्मावास जलावास श्रीनिवास नमोऽस्तु ते॥ १० | हे महामूल! हे मूलावास! आपको प्रणाम है। हे धर्मावास! हे जलावास! हे श्रीनिवास! आपको प्रणाम है। |
| धर्माध्यक्ष प्रजाध्यक्ष लोकाध्यक्ष नमो नमः।<br>सेनाध्यक्ष नमस्तुभ्यं कालाध्यक्ष नमोऽस्तु ते॥ ११ | हे धर्माध्यक्ष! हे प्रजाध्यक्ष! हे लोकाध्यक्ष! आपको बार-बार प्रणाम है। हे सेनाध्यक्ष! आपको प्रणाम है। हे कालाध्यक्ष! आपको प्रणाम है। |
| गदाधर श्रुतिधर चक्रधारिन् श्रियोधर।<br>वनमालाधर हरे नमस्ते धरणीधर॥ १२ | हे गदाधर! हे श्रुतिधर! हे चक्रधर! हे श्रीधर! हे वनमाला और पृथ्वीको धारण करनेवाले हे हरे! आपको प्रणाम है। |
| आर्चिषेण महासेन नमस्तेऽस्तु पुरुष्टुत।<br>बहुकल्प महाकल्प नमस्ते कल्पनामुख॥ १३ | हे आर्चिषेण! हे महासेन! हे पुरुसे स्तुत! आपको प्रणाम है। हे बहुकल्प! हे महाकल्प! हे कल्पनामुख! आपको प्रणाम है। |