भारतकोश
वासवदत्ता (महाकवि सुबन्धु - श्लेष-प्रधान शास्त्रीय गद्यकाव्य सान्वय सटीक)

वासवदत्ता (महाकवि सुबन्धु - श्लेष-प्रधान शास्त्रीय गद्यकाव्य सान्वय सटीक)

Vasavadatta of Mahakavi Subandhu with Commentary

महाकवि सुबन्धु द्वारा

DevanagariHindipublished244 पृष्ठ

पृष्ठ 185, कुल 244 में से

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पृष्ठ 185

पल्लवित(वर)नूपुर(रणितरमणीय)तरुणीचरणप्रहारानुराग- वशान् नवकिसलयच्छलेन तम् (एव¹) रागम् उदवहद् अशोकः। मधुरमधु[परि²]पूरितकामिनीमुखकमलगण्डूष(सं- गाद्³) इ(५६)व तद्रस(गन्धम्⁴) आत्मकुसुमेषु बिभ्रद् वकु- लतरू रराज। अन्तरान्तरा निपतितमधुकरनिकर(किम्मीरः) कङ्केलिगुच्छोर्ध्वनिर्वाणमनोभवचिताचक्रानुकारी पथिक- जन(चित्त)दाहम् उवाह। विकचवि(चिकिल)राजिर् अलिकुलशब[१३८]ला (कलितेन्द्रनीला) मुक्तावली ऽव मधुश्रियो विरुरुचे। विरहिणां हृदयमथनाय कुसुमशरस्य (शाण)चक्रम्⁵ इव नागकेसर- कुसुमम् अशोभत। पथिकजनहृदयमत्स्यं गृहीतुं मक- रकेतोः (पालावली⁶) ऽव पाटली(कुसुमम्) अदृश्यत। कन्दर्पके- लि[सम्पल्]लम्पटलाटिल[१३९]लाटतट(लुलितालकधम्मिलभार⁷- कुसुम)परिमलसमृद्धमधुरिमगुणः कामकलाकलाप(नि- पुण)कर्णाटसुन्दरी(सुन्दर⁸)स्तनकलश(युगल)घुसृणधू- लि(पटल)परिमलामोदवाही (रणरणकरसितापराम्त)कान्ता- [कुन्तली]कुन्तलोल्(लसित)सङ्क्रान्तपरिमलमिलितालिमाला(मधु- र)झङ्काररवमुखरितनभस्(स्थलः) नवयौवन(ओद्धत)- केरलिकपोलपालीपत्रावलि[१४०]परिचयचतुरः चतुष्षष्टिकलाक- लापविदग्धमुग्ध(५७)(मुखरमालवी)[नितम्बिनी⁹]नितम्ब- बिम्बसंवहन(सुभगः) सुरत(परि)श्रमपरवश(आन्ध्र- पुरन्ध्री¹⁰)नीरन्ध्रपीनपयोधरभारनिदाघजलकणनि- कर(शिशिरः) मलय(मारुतो¹¹) ववौ। अत्रान्तरे वासवदत्ता- सखीजनात् विदित(सुता)भिप्रायः शृङ्गारशेखरस् स्वसुतायाः स्वयंवरार्थम् अशेष(धरा)तलभाजां (राजपुत्राणाम्) एक- त्र (मेलनम्) अकरोत्। ततो दग्धकृष्ण(आगरुधूप)परिम- लामोदमोहितमधु(करमाला¹²[१४१]बहुलघुमघुमायित¹³- रव)मुखरित(दिगन्तरं) अतिरभसहासच्छत्(आमोदपरिमलि-


Footnotes: ¹ So also Hall's manuscripts B, C, D, G, H. ² Hall's manuscripts A, B, C, D, F, G, H also omit pari. ³ So also Hall's manuscripts B, C. ⁴ Cf. tatsamānagandham in Hall's manuscripts A, B, C, F, G. ⁵ Cf. takrāṭacakram in Hall's manuscripts A, B, and the commentator Narasimha. ⁶ Trichinopoly ed., jālāvalī. ⁷ Cf. dhammillabhāra in Hall's manuscript D. ⁸ So also Hall's manuscripts A, B, D, E, F, G, H. ⁹ Hall's manuscripts C, E, F, H also omit nitambinī. ¹⁰ So also Hall's manuscripts C, F. ¹¹ So also Hall's manuscripts A, B, G, H. ¹² So also Hall's manuscripts A, B, G. ¹³ So also Hall's manuscript F.

वासवदत्ता (महाकवि सुबन्धु - श्लेष-प्रधान शास्त्रीय गद्यकाव्य सान्वय सटीक) · पृष्ठ 185, कुल 244 में से · BharatKosha